भास्कर न्यूज | राजनांदगांव जिला अस्पताल में रविवार रात गर्भवती का प्रसव कराने के बाद उसकी हालत गंभीर हो गई। महिला की बिगड़ती हालत को देख उसे आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। लेकिन वहां पहुंचने पर महिला की मौत हो गई। परिजनों ने जिला अस्पताल के डॉक्टरों और लापरवाही का आरोप लगाया है। कलेक्टर और एसपी से शिकायत कर दोषियों पर कार्रवाई करने और न्याय दिलाने की मांग की है। मामले की जांच करने कमेटी बनेगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है। शहर के कंचनबाग की रहने वाली 27 वर्षीय गर्भवती करुणा पति तूफान बांसफोड़ को प्रसव कराने जिला अस्पताल में 27 जनवरी को भर्ती किया गया था। महिला का पहले से एक और बच्चा है जिसका जन्म सीजर ऑपरेशन से हुआ था। गर्भवती के 9 माह चली जांच की रिपोर्ट लेकर परिजन अस्पताल पहुंचे थे। महिला की रिपोर्ट व कंडिशन देख गायनिक विभाग के डॉक्टरों ने 29 जनवरी को ऑपरेशन करने की जानकारी दी लेकिन ऑपरेशन नहीं किया गया। एक फरवरी की रात नार्मल डिलीवरी हुई महिला ने शिशु को जन्म दिया लेकिन महिला की हालत बिगड़ गई। उसे बेहोशी की हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर किया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पांच सदस्यों की कमेटी करेगी मामले की जांच कलेक्टर से शिकायत के बाद मामले की जांच करने पांच सदस्यों की कमेटी बनाई गई है। मेडिकल कॉलेज के गॉयनो, स्वास्थ्य विभाग से 2 डॉक्टर्स, मृतिका के पति, कांग्रेस के युवा नेता अभिमन्यु मिश्रा जांच कमेटी में शामिल है। मृतिका की 9 माह चली जांच की रिपोर्ट, जिला अस्पताल आने के बाद कौन सी दवा और इंजेक्शन दिया गया, जब महिला को भर्ती किया गया उस समय प्रसव से पूर्व होने वाली बीपी, शुगर, ब्लड, यूरीन सहित अन्य रिपोर्ट की कमेटी जांच करेगी। कमेटी जांच कर रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेगी।


