जालंधर में यूट्यूबर के घर हैंड ग्रेनेड रखने के मामले में मोहाली स्थित एनआईए की विशेष अदालत ने आरोपी दपिंदर को जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साफ कहा कि आरोपी को राहत देने से जांच प्रभावित हो सकती है। एनआईए इस मामले में पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। एनआईए के मुताबिक, आरोपी दपिंदर पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी का करीबी है। भट्टी के कहने पर ही जालंधर में यूट्यूबर नवदीप सिंह उर्फ रोजर संधू के घर हैंड ग्रेनेड रखवाया गया था। इसके बाद यूट्यूबर और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। बालकनी से मिला था हैंड ग्रेनेड जांच में सामने आया है कि यूट्यूबर नवदीप संधू के घर की बालकनी से हैंड ग्रेनेड बरामद हुआ था। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई थीं। इस मामले में जालंधर के थाना मकसूदा में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और यूएपीए की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। केस की गंभीरता को देखते हुए बाद में इसकी जांच एनआईए को सौंप दी गई। अदालत बोली जांच पर पड़ सकता है असर एनआईए ने अदालत के सामने आरोपी की भूमिका से जुड़े कई अहम साक्ष्य पेश किए। सुनवाई के दौरान विशेष अदालत ने माना कि आरोप बेहद गंभीर हैं और आरोपी को जमानत देने से जांच और नेटवर्क की तह तक पहुंचने में बाधा आ सकती है। इसी आधार पर अदालत ने दपिंदर की जमानत याचिका खारिज कर दी। एनआईए अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, पाकिस्तान से संपर्क कैसे बना और स्थानीय स्तर पर किसने मदद की। जांच एजेंसी को आशंका है कि यह मामला किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।


