धर्मशाला के मैक्लोडगंज में तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के निवास स्थान के पास एक चीनी नागरिक 130 दिनों से अधिक समय तक बिना वैध भारतीय वीजा के रह रहा था। इस सुरक्षा चूक का खुलासा तब हुआ जब वह व्यक्ति खुद किसी काम से धर्मशाला के एसपी कार्यालय पहुंचा। उसको हिंदी व अंग्रेजी समझ में न आने पर हुआ शक। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। गिरफ्तार चीनी नागरिक की पहचान लू वेनियन (60) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ फॉरेनर्स एक्ट, 1946 के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि उसके पास नेपाल का पर्यटक वीजा था, लेकिन भारत में उसका प्रवेश और निवास पूरी तरह अवैध था। दलाई लामा के निवास क्षेत्र में चीनी नागरिक का महीनों तक अवैध ठहराव न केवल स्थानीय प्रशासन, बल्कि खुफिया और सीमा सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। आने वाले दिनों में जांच के नतीजे सुरक्षा तंत्र की वास्तविक स्थिति उजागर कर सकते हैं। ऐसे पकड़ में आया चीनी नागरिक सोमवार को जब वह एसपी कार्यालय पहुंचा, तो ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उससे पूछताछ की। वह हिंदी या अंग्रेजी नहीं समझ पा रहा था, जिससे संदेह हुआ। दस्तावेजों की जांच के बाद यह मामला सामने आया। उसके पासपोर्ट के अनुसार, लू वेनियन चीन के सिचुआन प्रांत का निवासी है और उसका पासपोर्ट युन्नान, चीन से जारी हुआ था। पासपोर्ट पर 29 जून 2025 से 26 सितंबर 2026 तक की अवधि का नेपाल का पर्यटक वीजा दर्ज है, लेकिन भारत का कोई वैध वीजा नहीं मिला। 130 दिन से भारत में रह रहा है दस्तावेजों की जांच से यह भी पता चला कि आरोपी 26 सितंबर 2025 से 2 फरवरी 2026 तक, यानी लगभग 130 दिनों तक मैक्लोडगंज में अवैध रूप से रह रहा था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि वह भारत-नेपाल सीमा पार करके यहां कैसे पहुंचा और इतने लंबे समय तक किस स्थान पर ठहरा हुआ था। मामले की जानकारी केंद्रीय एजेंसियों को भेजी एसपी कांगड़ा अशोक रतन ने बताया कि आरोपी के खिलाफ थाना मैक्लोडगंज में विदेशी अधिनियम, 1946 की धारा 14 के तहत मामला दर्ज किया गया है (FIR No. 06/2026)। पुलिस इसे रुटीन चेकिंग के दौरान सामने आया मामला बता रही है, लेकिन 130 दिन तक संवेदनशील क्षेत्र में अवैध रूप से रहना सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। मामले की जानकारी केंद्रीय एजेंसियों को भेज दी गई है और जांच जारी है।
सुरक्षा एजेंसियों पर उठते 3 बड़े सवाल
लोकल इंटेलिजेंस फेल: दलाई लामा की सुरक्षा के मद्देनजर मैक्लोडगंज में हर विदेशी नागरिक की जानकारी पुलिस को देना अनिवार्य है। इसके बावजूद 4 महीने तक चीनी नागरिक यहां रहा।
होटल/गेस्ट हाउस की लापरवाही: बिना भारतीय वीजा की जांच किए किसी ने उसे लंबे समय तक ठहरने कैसे दिया? या वह किसी निजी ठिकाने पर छिपा था।
बॉर्डर सिक्योरिटी पर सवाल: नेपाल का वीजा लेकर यह व्यक्ति बिना भारतीय वीजा सीमा में कैसे दाखिल हुआ।


