प्रदेश की सभी उचित मूल्य दुकानों पर लगे पोस मशीन से लिंक तौलन यंत्रों का विशेष अभियान चलाकर सत्यापन किया जाएगा। प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत लाभार्थियों को पूरा और सही तौल का राशन उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि करीब 4.40 करोड़ खाद्य सुरक्षा लाभार्थियों को उनका पूरा हक मिलना विभाग की जिम्मेदारी है। किसी भी स्तर पर तौल में गड़बड़ी या कटौती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी लाभार्थी के अधिकारों में सेंधमारी न हो। 4 फरवरी से शुरू होगा अभियान मंत्री के निर्देशानुसार 4 फरवरी से प्रदेशभर में उचित मूल्य दुकानों पर तौलन यंत्रों का सत्यापन अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई पोस मशीन से जुड़े तौलन यंत्रों का विधिक मापविज्ञान अधिनियम 2009 और विधिक मापविज्ञान (सामान्य) नियम 2011 के नियम 27(2सी) के अंतर्गत परीक्षण किया जाएगा। ब्लॉक और तहसील स्तर पर सत्यापन शिविर आयोजित होंगे आगामी एक महीने में जिला रसद अधिकारी ब्लॉक और तहसील स्तर पर सत्यापन शिविर आयोजित करेंगे। इन शिविरों में विधिक मापविज्ञान अधिकारी दुकानों पर लगे तौलन यंत्रों का परीक्षण, सत्यापन और मुद्रांकन करेंगे। तौलन यंत्रों की आपूर्तिकर्ता फर्म द्वारा सत्यापन के लिए आवेदन और निर्धारित शुल्क की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। गोदारा ने सभी जिला रसद अधिकारियों, विधिक मापविज्ञान अधिकारियों और राजस्थान खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड को निर्देश दिए कि इस अभियान को मिशन मोड में संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह अभियान राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और आमजन के विश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


