दौसा में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान विधायक दीनदयाल बैरवा और तहसीलदार गजानंद मीणा के बीच हुई तकरार मामले में सांसद मुरारीलाल मीणा ने अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा- कल दौसा में जो घटना घटित हुई, जिसमें एक अधिकारी द्वारा विधायक के प्रति जो बर्ताव था वो निंदनीय है। ऐसे अधिकारी पर सरकार को तुरंत कार्यवाही करनी चाहिए। ऐसे में सांसद द्वारा घटनाक्रम पर की गई टिप्पणी के बाद मामला तूल पकड़ता दिख रहा है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा तहसीलदार के व्यवहार के विरोध प्रदर्शन की रणनीति बनाने की चर्चाएं बनी हुई हैं। यह था मामला
दरअसल, जयपुर-दौसा हाईवे पर ट्रक यूनियन ऑफिस के सामने रानी बीड के नाम से सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज 12 बीघा जमीन है। इस पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर पुख्ता निर्माण कर रखे थे। सोमवार को दोपहर तहसीलदार गजानंद मीणा जाब्ते के साथ अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान विधायक दीनदयाल बैरवा कार्रवाई रुकवाने के लिए पहुंचे और कहा- आपके पास तोड़ने का आदेश क्या है, वह बताओ। इस पर तहसीलदार ने कहा- जमीन सरकारी है, अतिक्रमण हटाया जाएगा। दोनों के बीच हुई थी तकरार
कार्रवाई के दौरान कांग्रेस विधायक और तहसीलदार के बीच तीखी बहस हुई थी। विधायक द्वारा आदेश मांगने पर तहसीलदार ने कहा था कि सरकारी जमीन का मालिक मैं खुद हूं, मुझे कौन आदेश देगा। जमीन मेरी है, आप फालतू की बात मत करो। इसे सुनकर विधायक गुस्सा हो गए थे। उन्होंने गरीबों के मकान तोड़ने और थाने भेजने की धमकी देने का आरोप लगाया था। तकरार के वीडियो सामने आने के बाद पूरा मामला सुर्खियों में बना हुआ है। कांग्रेस विधायक से तहसीलदार बोले- फालतू बात नहीं,गलत हो जाएगा:जमीन सरकारी, मुझे आदेश कौन देगा; अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रुकवाने पहुंचे थे बैरवा


