बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा ने विधानसभा में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मामला उठाया। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से वर्ष 2023-24 और 2025-26 के लिए आवंटित बजट और इन वर्षों में आउटडोर व इनडोर मरीजों की संख्या पर जानकारी मांगी। विधायक शर्मा ने चिकित्सा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि खरीदी गई दवाइयों पर क्या कार्रवाई हुई? उन्होंने बूंदी में बच्चों की मौत, गरीबों और आरजीएचएस लाभार्थियों को दवाइयों की अनुपलब्धता और जांचों के लिए बाहर जाने की मजबूरी जैसे मुद्दे उठाए। शर्मा ने आरजीएचएस के तहत पेंशनभोगियों को दवाइयां न मिलने का भी कारण पूछा। उन्होंने कफ सिरप के कारण बूंदी जिला चिकित्सालय में हुई नवजात शिशुओं की मौतों की संख्या, उनके कारणों और दोषियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर भी सवाल किए। चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह ने जवाब में कहा कि राजस्थान में कुछ मौतें कफ सिरप के कारण हुई थीं। उन्होंने बताया कि माता-पिता को दी गई खांसी की दवा, जिसमें कोडाइन और अन्य रसायन थे, उन्होंने अपने 2 साल के बच्चों को दी, जिससे उनकी मृत्यु हुई। स्वास्थ्य मंत्री इन सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी हस्तक्षेप करते हुए सही जवाब की मांग की।


