दाता पंचायत की सरपंच कैलाशीबाई कछावा ने अपने अधिकार पंचायत में ठेकेदारी करने वाले सुरेश गरासिया के नाम 500 रुपए के स्टाम्प पर सौंप दिए थे। अनुबंध में लिखा है कि मैं पंचायत का काम करने में असमर्थ हूं इसलिए अपने सारे अधिकार सुरेश को सौंपती हूं। इस खबर को दैनिक भास्कर ने 7 फरवरी को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव ने संज्ञान लेते हुए सरपंच व सचिव को नोटिस जारी कर शनिवार को जवाब मांगा। इसके साथ ही दस्तावेज भी मांगे हैं। शनिवार सुबह सरपंच कैलाशीबाई कछावा व सचिव जीवन पाटीदार ने जवाब प्रस्तुत किए। कैलाशीबाई ने कहा िक उन्हें अनुबंध के बारे में कोई जानकारी नहीं है। जिपं सीईओ ने अनुबंध-पत्र में बतौर गवाह हस्ताक्षर करने वाले दाता निवासी सदाराम एवं भन्नालाल को भी जनपद सीईओ मनासा के माध्यम से नोटिस जारी कराया है। इसमें दोनों को प्रकरण में कथन देने के लिए 10 फरवरी को दोपहर 3 बजे समक्ष में उपस्थित होने के लिए सूचित किया है।


