उदयपुर शहर का सरकारी फतह सी.सैकंडरी स्कूल एक बार फिर विवादों में है। इस बार स्कूल के लेक्चरर और स्कूल विकास समिति सचिव गोपालसिंह आसोलिया ने प्रिंसिपल गजेन्द्र आवोत और शहर विधायक ताराचंद जैन गंभीर वित्तीय आरोप लगाए हैं। आसोलिया का आरोप है कि स्कूल विकास खाते में करीब एक करोड़ रुपए जमा है। विकास समिति सचिव होने के नाते वे भी सह-हस्ताक्षरकर्ता हैं लेकिन प्रिंसिपल आवोत ने दबाव और धोखे से उनसे 8 से 10 ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर करवा लिए। बाद में उसी दिन उन्हें स्कूल से रिलीव कर दिया। ऐसे में उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक के जरिए उनका षड़यंत्र पूर्वक रेलमगरा ट्रांसफर कराया दिया गया, ताकि स्कूल विकास में जमा पैसों का दुरुपयोग किया जा सके। इस संबंध में आसोलिया ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, वित्त मंत्री, प्रिंसिपल सेक्रेटी और शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर शिकायत की है। इधर, राजस्थान शिक्षक संघ एकीकृत ने भी शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर मामले में जांच कर कार्रवाई की मांग की है। इमरजेंसी में कराए थे ब्लेंक चेक पर साइन: प्रिंसिपल
सचिव से ब्लेंक चेक पर साइन कराने के सवाल पर स्कूल प्रिंसिपल गजेन्द्र आवोत का कहना है कि हाल ही स्कूल की मेजबानी में नेशनल हॉकी प्रतियोगिता कराई थी। जिसमें खिलाड़ियों को होटल्स में ठहराने, उनकी भोजन व्यवस्था, टेंट, ग्राउंड मेंटिनेंस आदि का पैसा संबंधित फर्म-ठेकेदार को पहले देना था। इस कारण इमरजेंसी होने पर ब्लेंक चेक पर साइन कराए थे। प्रिंसिपल से पूछा कि आयोजन में कितना खर्च हुआ, इस पर बोले-भुगतान किया जा रहा है, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं है।


