नारी शक्ति दिवस: गाइदिनल्यू के साहस को किया गया याद

भास्कर न्यूज | जशपुरनगर शहर स्थित वनवासी कल्याण आश्रम में नारी शक्ति दिवस का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नगालैंड की वीरांगना रानी गाइदिनल्यू की स्मृति में आयोजित किया गया, जिन्होंने अल्पायु में ही ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष का बिगुल फूंका था। कार्यक्रम में महिलाओं की भूमिका, संघर्ष और समाज में उनके योगदान पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। मुख्य वक्ता छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियम्वदा सिंह जूदेव ने अपने उद्बोधन में रानी गाइदिनल्यू के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मात्र 13 वर्ष की आयु में रानी गाइदिनल्यू ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष शुरू कर दिया था। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्होंने अनेक कष्ट सहे और जेल भी गईं, लेकिन कभी अपने संकल्प से पीछे नहीं हटीं। उनका साहस और त्याग आज की पीढ़ी ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। प्रियम्वदा सिंह जूदेव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है और इसकी झलक स्वतंत्रता संग्राम में भी है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *