शिक्षक बोले- त्योहार के दिन परीक्षा गलत जयपुर| सीबीएसई की दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं होली के त्योहार पर 2 मार्च को भी होगी। इसका विरोध शुरू हो गया है। शिक्षकों ने त्योहार के दिन परीक्षा रखे जाने का विरोध किया है। राजस्थान सरकार के कैलेंडर में 2 मार्च को होलिका दहन और 3 मार्च को धुलंडी का अवकाश घोषित है। इसको ध्यान में रखते हुए राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इन दोनों ही दिनों में परीक्षा तिथि घोषित नहीं की। लेकिन सीबीएसई ने 2 मार्च को तिथि जारी कर रखी है। दरअसल सीबीएसई ने पहले 2 और 3 मार्च को दोनों ही दिन कई विषयों की परीक्षा तिथि जारी कर दी थी। लेकिन बाद में सीबीएसई ने 3 मार्च को धुलंडी के दिन की परीक्षाएं तो स्थगित कर दी। लेकिन 2 मार्च की परीक्षाओं में बदलाव नहीं किया। सीबीएसई ने 3 मार्च को होने वाली 10वीं की परीक्षा को 11 मार्च को और 12वीं की परीक्षा को 10 अप्रैल को करने का आदेश जारी कर दिया। अब 2 मार्च को दसवीं की हिंदी और 12वीं की उर्दू, संस्कृत सहित कई विषयों की परीक्षा है। दो मार्च को परीक्षा होने से शिक्षकों व बच्चों को त्योहार के दिन भी स्कूल जाना पड़ेगा। राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा का कहना है कि होली प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस पर्व पर सीबीएसई द्वारा परीक्षा का आयोजन करना न्यायोचित नहीं है। राजस्थान में होली 2 मार्च एवं धुलंडी 3 मार्च को मनाई जाएगी। सीबीएसई को भी आरबीएसई की तर्ज पर इन दोनों दिनों में परीक्षाएं नहीं रखनी चाहिए। सीबीएसई ने परीक्षाओं की तिथि में बदलाव तो किया, लेकिन यह बदलाव अधूरा रहा। इसलिए सीबीएसई को अपने टाइम टेबल पर फिर से विचार करना चाहिए।


