मप्र का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होगा, जबकि बजट 18 फरवरी को पेश होगा। सीएम डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय बजट को राज्य के लिए दिशा
देने वाला बताते हुए कहा कि मप्र का आगामी बजट इन्हीं प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। सीएम ने कहा- राज्य का बजट आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लिए आर्थिक विकास का रोडमैप पेश करेगा। युवाओं के लिए रोजगार, निवेश को बढ़ावा और सतत विकास राज्य बजट के प्रमुख लक्ष्य होंगे। सीएम बोले- केंद्र के बजट में मप्र के लिए 1.12 लाख करोड़ रु.का प्रावधान किया गया है। केंद्रीय कर हस्तांतरण में भी प्रदेश के हिस्से में बढ़ोतरी हुई है। पूंजीगत व्यय में वृद्धि, शहरों के नियोजित विकास, लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम और रेलवे विस्तार जैसे प्रावधानों का असर राज्य के बजट में भी दिखाई देगा। डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में औद्योगिक पुनर्जीवन सरकार की प्राथमिकता है। केंद्रीय बजट में इंडस्ट्रियल रिनोवेशन पर दिए गए जोर से मौजूदा उद्योगों को मजबूती मिलेगी। पीएम मित्रा पार्क से टेक्सटाइल इंडस्ट्री को दोबारा खड़ा करने का रास्ता खुलेगा, जिसका प्रतिबिंब मप्र के बजट में भी देखने को मिलेगा।
इधर, कैबिनेट में बड़ा फैसला
सरदार सरोवर बांध के विस्थापित 25,602 परिवार अब पट्टे पर मिले आवासीय भूखंडों के एक दशक बाद स्थाई मालिक बनेंगे। सरकार इन पट्टों पर मिले भूखंडों की रजिस्ट्री फ्री करेगी।


