जर्जर स्कूल भवनों की स्थिति एक बार फिर चर्चा में:जर्जर स्कूलों का फिर होगा सर्वे, 15 मार्च तक रिपोर्ट तैयार करेगा समसा

जिले में जर्जर स्कूल भवनों की स्थिति एक बार फिर चर्चा में है। समसा की ओर से एक बार फिर से जर्जर स्कूलों का दोबारा सर्वे कराने की तैयारी की जा रही है। जिससे जर्जर स्कूलों की क्या स्थिति है, उसकी रिपोर्ट तैयार कराई जा सके। समसा एईएन योगेश पाराशर ने बताया कि जल्द ही दोबारा जर्जर स्कूलों का सर्वे कराया जाएगा। एक रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी कि स्कूलों की क्या स्थिति है,जिससे भविष्य में कोई बड़ी घटना होने से रोका जा सके। यह सर्वे 15 मार्च 2026 तक पूरा करना है। भरतपुर व डीग के जिलेभर में वर्ष 2025-26 में सर्वे कराया था ,जिसमें 13 जर्जर स्कूलों की सूची तैयार की गई थी। जिन जर्जर स्कूलों के जमींदोज का काम अब कराया जा रहा है। संस्थाप्रधानों को जर्जर स्कूल को जमींदोज कराने में भी काफी समस्या का सामने करना पड़ा था कि स्कूल जमींदोज करने के बाद स्कूल के बच्चों को कहां बैठाकर पढ़ाया जाएगा। भास्कर इनसाइट – कलेक्टर के सर्वे में चिह्नित 465 स्कूलों के 1353 कमरों व 19 भवनों को नहीं मिला बजट झालावाड़ घटना के बाद समसा की ओर से जर्जर स्कूलों के सर्वे कराने के लिए जेईएन व स्कूल पीईओ की टीम बनाई गई, जिन्होंने जर्जर स्कूलों का सर्वे किया था। उसके बाद शासन सचिव के आदेश पर जिला कलक्टर कमर उल जमान चौधरी ने खुद की ब्लॉक/ ग्रामीण स्तर पर टीम बनाई थी, जिन्होंने भरतपुर के 995 स्कूलों का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार कराई थी। रिपोर्ट में साफ लिखा था कि कई स्कूल भवन जर्जर हालत में हैं और किसी भी समय हादसे का कारण बन सकते हैं। इसके चलते जिला कलक्टर ने नोडल अधिकारी की टीम गठित कर जांच करवाई थी। जिला कलेक्टर के निर्देश पर कराए गए सर्वे में 465 स्कूलों के 1353 कमरों और 19 स्कूल भवनों को खतरनाक श्रेणी में चिन्हित किया जा चुका है। बावजूद इसके अब तक इनके मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए विभाग को बजट स्वीकृत नहीं हुआ है,लेकिन सर्वे पर सर्वे कराने का काम जारी है। लेकिन उन जर्जर घोषित स्कूलों के लिए आज तक एक रूपए की भी सेंशन सरकार से नहीं आई।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *