साध्वी के बर्तन-चद्दर, कपड़ों की भी जांच होगी:FSL टीम ने कमरे की मिट्टी सहित 33 सैंपल जुटाए, विसरा रिपोर्ट से खुलेगा ‘जहर’ का राज

जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत अभी रहस्य बनी हुई है। इस गुत्थी को सुलझाने के लिए उनके बर्तन-चद्दर, कपड़ों की भी जांच होगी। जिस कमरे में उनकी मौत हुई, वहां की मिट्टी से लेकर कंघा और बालों जैसे 33 अलग- नूमूने तक जुटाए गए हैं। साध्वी को जहर दिया गया था या नहीं? इसकी जांच के लिए विसरा का नमूना भी FSL की लैब में पहुंच गया है। एफएसएल के सीनियर अधिकारी इन सैंपल की जांच में जुट गए हैं। करीब 7 दिन में एफएसएल अपनी रिपोर्ट को एसआईटी को देगी। इसके अलावा साध्वी प्रेम बाईसा, उनके पिता और सेवादार के मोबाइल का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…. दो तरीके से जांच कर रही पुलिस 28 जनवरी को हुई कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत मामले में जिस तरीके से हर दिन नए मोड़ सामने आ रहे हैं, उस स्थिति में एफएसएल की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जोधपुर के बोरानाड़ा स्थित आरती नगर आश्रण से एफएसएल टीमों ने रविवार को एफएसएल सबूत जुटाने शुरू किए थे। इस केस के खुलासे के लिए दो तरीके से पर जांच हो रही है। 1. टेक्नीकल जांच : पुलिस ने 3 मोबाइल जब्त किए साध्वी प्रेम बाईसा, उनके पिता वीरमनाथ और सेवादार सुरेश का मोबाइल पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया था। पुलिस की साइबर सैल इन मोबाइल का डिलीट रिकॉर्ड रिकवर कर रही है। इसके बाद इन्हें एफएसएल टीम को सौंपा जाएगा। साध्वी की संदिग्ध मौत के कुछ घंटों बाद ही सुसाइड नोट सोशल मीडिया पर आया था। जिसमें कई तरह के आरोप लगाए गए थे। जांच के दौरान मोबाइल में मौजूद टेक्स्ट मैसेज और कथित सुसाइड नोट की भाषा व शब्दों की तुलना पहले पोस्ट किए गए मैसेज से होगी। ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सुसाइड नोट साध्वी प्रेम बाईसा ने ही लिखा था या किसी ओर से लिख कर पोस्ट किया है। 2. विसरा रिपोर्ट और 33 सैंपल साध्वी के शरीर के अंदरूनी अंगों का विसरा (हर्ट, फेफड़े, लीवर, किडनी और आंतों के कुछ सैंपल) जुटाया गया है। विसरा जांच के बाद यह साफ हो सकेगा कि साध्वी प्रेम बाईसा के शरीर में किस प्रकार का पदार्थ (विषाक्त) गया, जिससे उनकी तबीयत इतनी खराब हुई कि मौत हो गई। अगर विसरा रिपोर्ट में पॉइजन की पुष्टि होती है, तो पुलिस पूरे मामले की जांच आत्महत्या और हत्या के एंगल से करेगी। तब तक एफएसएल उन 33 नूमनों की भी जांच कर लेगी जो घटनास्थल से जुटाए गए हैं। उस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस पता लगाएगी कि साध्वी को जहर दिया गया या फिर खुद लिया था। अगर विसरा रिपोर्ट में किसी भी प्रकार के जहर की पुष्टि नहीं होती है तो ऐसी स्थिति में साध्वी के पिता वीरमनाथ और सेवादार सुरेश के पॉलीग्राफी टेस्ट कराए जा सकते हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आखिर साध्वी प्रेम बाईसा की मौत किन परिस्थितियों में हुई। हालांकि पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए कोर्ट के आदेश का होना जरूरी है। पहली बार संदिग्ध मौत में मिले एफएसएल को 33 साक्ष्य राजस्थान एफएसएल के डायरेक्टर डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि पहली बार है जब किसी संदिग्ध मौत की जांच के लिए इतने सैंपल लिए गए हैं। घटना के 5 दिन बाद SIT दोबारा से साध्वी प्रेम बाईसा के कमरे में एफएसएल की टीम को लेकर गई। करीब 33 अलग-अलग चीजों के साक्ष्य लिए गए हैं। जिस में साध्वी प्रेम बाईसा के वह बर्तन जिसमें उन्होंने खाना खाया। चादर जो उस दौरान बैड पर बिछी हुई थी। प्रेम बाईसा के कपड़े कमरे में मौजूद डस्ट, डस्टबिन। प्रेम बाईसा के कपड़े, उन्हें दो बार इंजेक्शन लगाया गया था उसकी दोनों सिरिंज, इंजेक्शन, इंजेक्शन के रैपर, बॉटल्स जिसमें दवा थी। प्रेम बाईसा को पहले से सांस की बीमारी होने का दावा किया जा रहा है, ऐसे में पहले से ली जा रही दवाईयों के सैंपल भी एफएसएल ने लिए हैं। तकिया, फर्श पर पड़े हुए बाल, कंघी, टॉवल, ब्लड, विसरा और उनकी बॉडी से डीएनए के दो अलग-अलग सैंपल सहित कुल 33 अलग-अलग चीजों के सैंपल हैं। क्यों जरूरी हैं ये 33 सैंपल? संदिग्ध परिस्थिति में मौत होने पर पुलिस विसरा रिपोर्ट को एफएसएल के पास भेज कर जांच कराती है। लेकिन प्रेम बाईसा प्रकरण की गंभीरता और अब तक जांच में कोई लीड नहीं मिलने कारण पुलिस इस केस की जांच बारीकी से कर रही है। पुलिस ने पहले दिन क्राइम सीन पर पहुंच कमरे को सील कर दिया था। हालांकि उस दिन पुलिस को कमरे से कोई अहम जानकारी सा साक्ष्य नहीं मिले। एफएसएल टीम ने भी मौके को देखा तो कमरा पूरी तरह से व्यवस्थित था। इसलिए जांच के लिहाज से अहम हर चीज को सैंपल के तौर पर जुटाया गया है। पुलिस ने जो साक्ष्य दिये उनका पर काम शुरू कर दिया गया : एफएसएल डायरेक्टर एफएसएल के डायरेक्टर डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि साध्वी प्रकरण केस में पुलिस ने जांच के लिए सैंपल प्रयोगशाला में मंगलवार शाम को भिजवाए हैं। जोधपुर एफएसएल कार्यालय में जांच की जा रही है। सीनियर वैज्ञानिकों से इस की जांच कराई जा रही है। पूछी गई राय के आधार पर इनका परीक्षण किया जाएगा, जिसमें संभवत: 7 से 10 दिन का समय लगने की संभावना है। पुलिस हर एंगल से कर रही मामले की जांच : रेंज आईजी आईजी जोधपुर ओमप्रकाश ने बताया कि साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। बाईसा के रूम को सील कर दिया गया है। कई एंगल पर एसआईटी, साइबर टीम और एफएसएल जांच कर रही हैं। कंपाउंडर देवी सिंह जिसने बाईसा को तबीयत खराब होने पर इंजेक्शन लगाया था उससे भी पूछताछ की जा रही है। उसने जो जानकारी इंजेक्शन को लेकर दी है उस की भी जांच की जा रही है कि वह उसे कहां से लेकर आया था। इंजेक्शन देने वाले नर्सिंग कर्मी देवी सिंह और सेवादार से पूछताछ में क्या पता लगा? नर्सिंग कर्मी देवी सिंह : जोधपुर के एमडीएम हॉस्पिटल के नर्सिंग कर्मी देवी सिंह राजपुरोहित ने बताया कि दो साल से बाईसा का उपचार प्रेक्षा हॉस्पिटल से चल रहा था। डॉक्टर की लिखी हुई पर्ची के अनुसार उस ने इंजेक्शन लगाया है। देवी सिंह के अनुसार घटना वाले दिन आश्रम से दो बार फोन आया था। पहला फोन दोपहर 12 बजे आया लेकिन कुछ काम होने कारण वह आश्रम नहीं जा सका। शाम 5 बजे दोबारा फोन आया जिसके बाद देवी सिंह इंजेक्शन लेकर आश्रम पहुंचा और प्रेम बाईसा को दो इंजेक्शन लगाए। देवी सिंह के अनुसार इंजेक्शन के बाद उनकी तबीयत ठीक थी। जिसके बाद देवी सिंह आश्रम से चला गया। कुछ देर बाद देवी सिंह के पास फोन आया कि प्रेम बाईसा की हालत खराब है, उन्हें प्रेक्षा हॉस्पिटल लेकर जा रहे हैं। सेवादार सुरेश : इस मामले की जांच एसआईटी कर रही है। आश्रम के सेवादार सुरेश से SIT ने शनिवार को पूछताछ की थी। सुरेश ने टीम को बताया कि 28 जनवरी को प्रेम बाईसा अजमेर से आई थीं, उनका गला जुकाम की वजह से सुबह से ही खराब था। दोपहर में उन्होंने काढ़ा पिया था। शाम करीब 5 बजे एक नर्सिंगकर्मी को आश्रम बुलाया गया था। उसने साध्वी को इंजेक्शन लगाए। उसके जाने के चार-पांच मिनट बाद ही साध्वी की चीख सुनाई दी। साध्वी अपने बैड से उठकर गेट आईं और गिर पड़ी। इसके बाद उनको अस्पताल ले जाया गया, रास्ते में उन्होंने बार-बार कहा कि पापा मुझे न्याय दिला देना। सुरेश ने दावा किया कि उनके नाखून हरे हो रहे थे और सांसें अटक रही थीं। अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। यह भी पढ़ेंः डॉक्टर बोले-जब साध्वी को लाए तो हलचल नहीं थी:प्रेम बाईसा जुकाम-खांसी को लेकर कई बार हॉस्पिटल दिखाने आई थीं; SIT ने स्टाफ से पूछताछ की
जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के मामले में पुलिस अब तक 10 लोगों से पूछताछ कर चुकी है। मंगलवार को SIT प्रेक्षा हॉस्पिटल में पहुंची, जहां तबीयत खराब होने पर प्रेम बाईसा को लाया गया था…(CLICK कर पढ़ें)

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