बुरहानपुर में एसआईआर (विशेष जांच/सत्यापन) प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में दर्ज की गई कथित फर्जी आपत्तियों को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस के बाद अब एआईएमआईएम भी इस मामले में खुलकर सामने आ गई है। बुधवार को एआईएमआईएम के नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कोतवाली थाना पहुंचे और फर्जी आपत्तिकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए टीआई सीताराम सोलंकी को लिखित शिकायत सौंपी। 24 घंटे में कार्रवाई नहीं तो बुरहानपुर बंद की चेतावनी एआईएमआईएम जिलाध्यक्ष एवं अधिवक्ता जहीर उद्दीन शेख ने कहा कि पार्टी फर्जी आपत्तियां दर्ज कराने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो बुरहानपुर बंद कराया जाएगा। 40 हजार से अधिक आपत्तियों से बढ़ा आक्रोश जहीर उद्दीन शेख ने बताया कि जिले में अब तक 40 हजार से अधिक आपत्तियां दर्ज की जा चुकी हैं, जिससे आम लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि आपत्तियां झूठे तरीके से लगाई गई हैं और यदि कोई वास्तविक आपत्तिकर्ता है, तो उसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। एक व्यक्ति ने पूरे वार्ड पर लगाई आपत्ति- नफीस खान पूर्व महापौर प्रत्याशी और एआईएमआईएम नेता नफीस मंशा खान ने आरोप लगाया कि उनके संयुक्त परिवार के 35 सदस्यों सहित वार्ड के 200 से अधिक लोगों पर एक ही 75 वर्षीय व्यक्ति ने आपत्ति लगाई है। उन्होंने बताया कि संबंधित व्यक्ति मूल रूप से चिंचाला का निवासी है और वर्तमान में इंदौर में रह रहा है। हर वार्ड में 600 से 800 आपत्तियां लगाने का आरोप नफीस खान ने दावा किया कि कई वार्डों में एक-एक व्यक्ति द्वारा 600 से 800 तक आपत्तियां लगाई गई हैं। उन्होंने इसे एक सोची-समझी साजिश बताया और मांग की कि आपत्ति दर्ज कराने वाले लोगों की पहचान की जाए। सीसीटीवी फुटेज जांच की मांग एआईएमआईएम नेताओं ने मांग की कि जिन केंद्रों पर आपत्तियां दर्ज की गई हैं, वहां की सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आपत्तियां किसने और किस आधार पर दर्ज कराईं। फिलहाल पुलिस ने शिकायत लेकर मामले की जांच का आश्वासन दिया है। वहीं एआईएमआईएम ने स्पष्ट किया है कि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।


