बूंदी जिले में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं को लेकर विधायक हरिमोहन शर्मा ने विधानसभा में चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्थगन प्रस्ताव के तहत जिले की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। विधायक शर्मा ने 26 जनवरी को बड़ानयागांव निवासी मुकेश सैनी की हिंडौली थाना क्षेत्र में चाकू मारकर हुई हत्या का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मृतक के पिता ने 19 सितंबर को इन्हीं आरोपियों के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने एक महीने बाद मामला दर्ज किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हीं सूदखोरों ने मुकेश सैनी की निर्मम हत्या कर दी। शर्मा ने 31 जनवरी 2024 की रात को जवाहर नगर, नमाना थाना क्षेत्र निवासी किशन गोपाल बैरवा के अपहरण और हत्या का मामला भी उठाया। उन्होंने बताया कि बैरवा को घर से अगवा कर उसकी सोने की मूर्खियां, ताबीज और चांदी के आभूषण छीन लिए गए थे। परिजनों द्वारा अपहरण का मुकदमा दर्ज कराने पर पुलिस ने पहले इसे स्वेच्छा से जाना बताया, लेकिन दो घंटे बाद ही बैरवा का शव नदी में मिला। विधायक ने हाल ही में एक वृद्ध महिला की हाथ-पैर काटकर बेरहमी से की गई हत्या और कोटा में एक कॉन्स्टेबल के अपहरण के बाद हुई हत्या का भी उल्लेख किया। हरिमोहन शर्मा ने तत्काल प्रभाव से सभी अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार करने और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाने की पुरजोर मांग की। साथ ही शर्मा ने कहा कि कोटा में डीजी का कार्यालय अलग से संचालित होता है, जो गृह विभाग के नियत्रंण में नहीं है। वह अलग है और एक कार्यालय अलग से संचालित होता है। शर्मा ने यह भी कहा है कि सरकार गरीब शोषित परिवार जो प्रतिकार होते हैं उनको नाम मात्र का मुआवजा देती हैं और जो बड़े लोग जिनके साथ यह घटनाएं होती है उनको प्रतिकार मानकर लाखों रुपए की मुआवजा देती है कृपया यह प्रतिशोध की भावना नहीं रखें और सबके लिए सामान्य नीति अपनाए।


