कोटा की चंबल नदी में झुंड में नजर आए ऊदबिलाव:मगरमच्छ से लड़ने की ताकत रखता, मछली और केकड़ों का करता शिकार

कोटा की चंबल नदी में ऊदबिलाव या जलमानुष की संख्या में इजाफा हुआ है। ऊदबिलाव नदी में झुंड में नजर आ रहे है। इस जीव की गर्दन का हल्का भूरा रंग, चपटी पूंछ, मखमली घने बाल और झिल्लीदार पैर इसकी पहचान है। दशकों पहले केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान भरतपुर से विलुप्त हुआ ये जीव भारत की बहुत कम नदियों में पाया जाता है। राजस्थान में एक मात्र कोटा की चंबल नदी में इस जीव का प्राकृतिक वास है। नदी में ऊदबिलाव को अठखेलियां करते अपने प्रिय भोजन मछली को खाते देखा जा सकता है। यह जीव सरंक्षण की दरकार में है। वर्धमान महावीर खुला विश्वविधालय के सहायक आचार्य प्राणी शास्त्र डॉक्टर संदीप हुड्डा ने बताया- राजस्थान की चंबल नदी में राणा प्रताप सागर से कोटा बैराज के बीच सर्दियों के दिनों में दुर्लभ प्रजाति के स्तनधारी जीव झुंड में देखने को मिल जाते है। आईयूसीएन की रेड डेटा बुक में संकट ग्रस्त जातियों में शुमार कोटा जिले की चंबल नदी में पाया जाने वाला प्राणी ऊदबिलाव (स्मूथ-कोटेड ओटर) के नाम से जाना जाता है। बढ़ता प्रदूषण, पानी की विषाक्तता, बांधों का निर्माण इस जीव की जीवनशैली को प्रभावित करता है। वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट आदिल सैफ ने बताया- कोटा बैराज से लेकर रावतभाटा तक ऊदबिलाव की 5 से 7 फैमिली देखी गई थी। एक फैमिली समूह में 5 से 10 ऊदबिलाव होते हैं। कई समूह ऐसे भी देखे गए जिनमें ज्यादा भी होते है। यह जीव समूह में रहना पसंद करते हैं और मछली और केकड़ों का शिकार करते हैं। ऊदबिलाव को तैरने में महारत हासिल होती है। इसका शरीर लंबा और पतला होता है। पूंछ नाव के चप्पू के आकर की होती है, जिसकी सहायता से पानी में काफी अच्छे से तैर पाते है। यह जीव साफ पानी में ही पाया जाता है। ऊदबिलाव झुंड में अपने प्रतिद्वंदी मगरमच्छ तक से लड़ जाते हैं। ऊदबिलाव भारत में मात्र चार जगह पाया जाता है। यह प्रजाति एक समय लुप्त हो चुकी थी लेकिन प्रोटेक्शन मिलने से इनकी संख्या में इजाफा हुआ है। इनका कुनबा भी बढ़ रहा है। इनकी खाल में प्रति वर्ग इंच में 600,000 से 1,000,000 बालों के रोम होता है। कोटा की मुकुंदरा टाइगर सेंचुरी में घूमने आए पर्यटक जब चंबल नदी में वोट से सफारी करते हैं। तब उन्हें ऊदबिलाव के समूह देखने को मिल जाते हैं। और यह ऊदबिलाव पर्यटकों को काफी आकर्षित करते हैं।

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