कलेक्टर-ADM समेत कई अफसर गैरहाजिर, ऑफिसों पर ताले:डीडवाना-कुचामन के 14 विभागीय दफ्तरों पर छापा, जांच टीम बोली- कलेक्टर का जिले पर कोई काबू नहीं

राजस्थान के प्रशासनिक सुधार विभाग की टीम बुधवार को डीडवाना-कुचामन जिला मुख्यालय अचानक पहुंच गई। निरीक्षण ने जिले की प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है, जिसमें जिम्मेदार अधिकारी ऑफिसों से गायब मिले। शासन उप सचिव एवं अतिरिक्त निदेशक सुनील कुमार शर्मा के नेतृत्व में एक राज्य स्तरीय टीम सुबह ठीक 9:40 बजे एक साथ 14 सरकारी विभागों में पहुंची और जांच शुरू कर दी। अचानक टीम के आने के बाद विभागीय कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। जांच के दौरान जिला कलेक्ट्रेट में 40 कार्मिकों में से 33 कर्मचारी अपनी सीट पर मौजूद नहीं थे। खुद जिला कलेक्टर महेंद्र सिंह खडगावत और एडीएम मोहनलाल खटवानालिया भी तय समय पर अपने ऑफिस नहीं पहुंचे थे। जांच में सामने आया कि ADM खटवानलिया बीते 3 दिनों से एब्सेंट चल रहे हैं। परिवहन विभाग (DTO) के ऑफिस में 10 में से 9 कर्मचारी गायब मिले। सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के ऑफिस के मेन गेट पर ताला लटका हुआ मिला। टीम का कहना है- नदारद मिले इन सभी अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। 77 गैजेटेड अफसरों में से 47 नहीं थे
टीम के अनुसार- 14 विभागों में कुल 77 राजपत्रित(गैजेटेड) अफसरों में से 47 अधिकारी ऑफिस में नहीं थे। यह कुल संख्या का 61.03 प्रतिशत है। इसी प्रकार 307 अराजपत्रित कर्मचारियों में से 184 कर्मचारी गैरहाजिर मिले। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, टीम ने कुल 35 हाजिरी रजिस्टरों की गहनता से जांच की, जिसमें जिले के करीब 60 प्रतिशत अधिकारी और कर्मचारी ड्यूटी से नदारद हैं। टीम ने कहा- कलेक्टर का जिले में कोई नियंत्रण नहीं​
शासन उप सचिव सुनील कुमार शर्मा ने कहा- जिले के सभी विभागों में बड़ी लापरवाही सामने आई है, जो चिंताजनक है। इसको देख कर यह लग रहा है कि जिलाध्यक्ष कलेक्टर का जिले में कोई नियंत्रण नहीं है। खुद जिलाध्यक्ष कलेक्टर ही जब समय पर नहीं पहुंचेंगे, तो काम कैसे होगा। टीम के अधिकारियों ने बांगड़ जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर भी असंतोष जाहिर किया। उन्होंने बताया कि अस्पताल में सफाई कि समुचित व्यवस्था नहीं थी और मरीज भी पूरी दवाइयां नहीं मिलने की शिकायत कर रहे थे। हमने पीएमओ को इसके लिए निर्देश दिये हैं। ​शासन उप सचिव सुनील कुमार शर्मा का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है। जनता के कार्यों में लापरवाही और सरकारी अनुशासन की धज्जियां उड़ाने वाले किसी भी कार्मिक को बख्शा नहीं जाएगा। अनुपस्थित मिले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जयपुर मुख्यालय को भेज दी गई है। इसके आधार पर अब इन सभी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। गया।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *