गुरप्रीत बैंस | होशियारपुर जिला होशियारपुर में शिक्षा की क्रांति की अगुवाई करने वाले 2 बड़े अधिकारियों के पद लंबे समय से खाली हैं। जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी का पद 2025 अक्टूबर से खाली है। काम चलाने के लिए विभाग की तरफ से जालंधर के शिक्षा अधिकारी को अतिरिक्त कार्यभार िदया गया है, जोकि हफ्ते में महज 2 दिन होशियारपुर अॉफिस बैठते हैं। जिला शिक्षा अधिकारी की गैरहाजिरी में काम संभालने की जिम्मेदारी सहायक जिला शिक्षा अधिकारी की होती है, लेकिन उनका पद भी कई माह से खाली है। इसी तरह जिला शिक्षा अधिकारी एलिमेंटरी का पद मार्च 2025 से खाली है। इस समय एलिमेंटरी के सहायक जिला शिक्षा अधिकारी अमनदीप शर्मा है, लेकिन वह साथ ही सरहाला मूंडिया सरकारी स्कूल के प्रिंसीपल की सेवाएं भी निभा रहे हैं। इस कारण वह भी रोजाना शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारियों निभा नहीं पा रहे। दूसरी तरफ शिक्षा विभाग की तरफ से जिले के प्राइमरी विभाग को 21 ब्लॉकों में बांटा गया है, लेकिन इनको संभालने के लिए सिर्फ 2 शिक्षा अधिकारी हैं। एक के पास 10 और दूसरे के पास 11 ब्लॉकों का काम है। इन शिक्षा अधिकारियों की तरफ से प्राइमरी स्कूलों की शिक्षा प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए काम करना होता है। एक ब्लॉक में लगभग 60 के करीब स्कूल होते हैं। इसके चलते 21 ब्लॉकों के लिए 2 अधिकारी बहुत कम हैं। गौर है कि पिटीशन दायर होने के चलते नियुक्तियां रुकी हुई हैं। सेकेंडरी और एलिमेंटरी के जिला शिक्षा अधिकारी के खाली पदों के कारण स्कूलों का रोजाना का काम प्रभावित हो रहा है। सबसे पहले हैड अॉफिस से स्कूलों को मिलने वाले निर्देश समय पर स्कूलों तक नहीं पहुंचते, स्कूलों में चल रहे विकास कार्यों या होने वाले कामों में अकसर देरी होती है, क्योंकि समय पर बिलों पर शिक्षा अधिकारी के साइन नहीं होते, किसी भी तरह की छुट्टी लेने में अध्यापकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। स्कूलों में होने वाले छोटे-छोटे विकास कार्यों की मंजूरी मिलने में महीनों का समय लग जाता है। इस तरह के काम हो तो रहे है लेकिन जो काम दिनों में हो सकते है उनमें महीनों का समय लग जाता है। जिला शिक्षा अधिकारी का पद कई महीनों से खाली होने के प्रति जब डीपीआई सेकेंडरी गुरविंदर सिंह ने बताया कि प्रमोशन करने के बाद खाली पद भरने की पूरी तैयारी हो चुकी थी लेकिन इस मामले में माननीय हाईकोर्ट में रिट पिटीशन दायर हो गई। जिस कारण नियुक्तियों नहीं हो सकी, अब इस मामले में 5 फरवरी को सुनवाई होनी है, फैसला आने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।


