भास्कर न्यूज | फिरोजपुर शहर में बेलगाम हो चुके अपराध और लगातार बढ़ रही चोरी व छीना-झपटी की वारदातों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि शहर के व्यापारियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों को एकजुट होकर ‘फिरोजपुर फ्रंट’ का गठन करना पड़ा। फ्रंट द्वारा 7 फरवरी को प्रस्तावित बड़े विरोध प्रदर्शन के अल्टीमेटम ने अब फिरोजपुर पुलिस की नींद तोड़ दी है। पिछले चार-पांच दिनों से खाकी न केवल सड़कों पर सक्रिय नजर आ रही है, बल्कि अपराध की जड़ पर प्रहार करने के लिए रणनीतिक बैठकें भी शुरू कर दी है। डीएसपी सिटी सुखविंदर सिंह ने शहर की सुनार यूनियन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है। बैठक का लहजा जितना सहयोगात्मक था, उतना ही सख्त भी। डीएसपी ने सुनारों को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति सोना बेचने आता है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए। उन्होंने साफ किया कि चोरी का सामान खरीदने वाले दुकानदारों को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, उन्होंने भरोसा भी दिलाया कि किसी भी ईमानदार व्यापारी को बेवजह परेशान नहीं किया जाएगा। सुनार यूनियन के अध्यक्ष आदेश सिंह, रोबिन सिंह, राजीव कपूर और डिंपी ने पुलिस को आश्वस्त किया कि वे चोरी का माल खरीदने वालों का साथ नहीं देंगे। फिरोजपुर फ्रंट की मांगों को संज्ञान में लेते अब पुलिस बिना नंबर लिखे वाहनों पर शिकंजा कसने जा रही है। डीएसपी ने संकेत दिए है कि जल्द ही पेट्रोल पंप मालिकों के साथ बैठक कर निर्देश जारी किए जाएंगे कि ऐसे वाहनों में तेल न भरा जाए। इसके साथ ही कबाड़ यूनियन के सदस्यों के साथ भी बैठक प्रस्तावित है, ताकि चोरी किए लोहे और अन्य सामान की खरीद-बख्त पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। शहर में दिन के समय वाहनों की चेकिंग और रात की गश्त को कई गुना बढ़ा दिया गया है। पुलिस की सुस्त कारगुजारी से तंग आकर अब शहर के कुछ व्यापारियों ने अपनी सुरक्षा के लिए खुद भी कमर कस ली है। चौक आर्य समाज में विक्की खन्ना की अध्यक्षता में हुई 54 दुकानदारों की बैठक में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। दुकानदारों ने प्रशासन के भरोसे बैठने के बजाय एक रजिस्टर्ड सिक्योरिटी कंपनी से निजी सुरक्षा गार्ड हायर करने का फैसला किया है। इसके लिए प्रत्येक दुकानदार 300 रुपए प्रति माह का योगदान देगा। सुरक्षा को तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है और पूरे बाजार में तीन हाई-डेसिबल हूटर लगाए जाएंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में पूरे इलाके को एक साथ सूचित किया जा सके।


