भास्कर न्यूज | बरनाला सरकार द्वारा मछली पालन व्यवसाय को प्रफुल्लित करने के उद्देश्य से चलाई जा रही ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ के तहत बरनाला के मछली पालकों को भारी सब्सिडी और अन्य लाभ दिए जा रहे हैं। जिला प्रशासनिक परिसर में आयोजित जिला स्तरीय समिति की बैठक के दौरान डीसी हरप्रीत सिंह आईएएस ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना के बारे में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाए ताकि योग्य व्यक्तियों को इसका पूरा लाभ मिल सके। बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जरूरी प्रोजेक्ट्स का एक्शन प्लान भी पास किया गया। सहायक निदेशक मछली पालन चरणजीत कौर ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अधीन जिले के मछली पालकों को 40 से 60 प्रतिशत तक सब्सिडी मुहैया करवाई जाती है। उन्होंने बताया कि सरकार जहां मछली पालन के व्यवसाय को आधुनिक बनाने के प्रयास कर रही है, वहीं स्वरोजगार के इच्छुक व्यक्तियों के लिए भी विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं। योजना के तहत मछली और उसके उत्पादों की ढुलाई के लिए थ्री-व्हीलर (आइस बॉक्स सहित) या मोटरसाइकिल व एक्टिवा (आइस बॉक्स सहित) की खरीद पर वित्तीय सहायता दी जा रही है। इसके अलावा मैदानी इलाकों में मछली तालाब के निर्माण के लिए सामान्य श्रेणी को 40 प्रतिशत और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व महिला वर्ग को 60 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। फिश कियोस्क (मछली की दुकान) के प्रोजेक्ट पर, जिसकी लागत 10 लाख या उससे कम हो, उस पर भी 40 से 60 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। मछली पालन अधिकारी अमनदीप सिंह ने बैठक में बताया कि अब पुराने निजी तालाबों के सुधार और नीची या भट्ठे वाली जमीनों में मछली तालाब बनाने के लिए पंजाब राज्य मछली पालन विकास बोर्ड की सहायता से 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। विभाग द्वारा मछली पालन के इच्छुक किसानों और बेरोजगार युवाओं को 5 दिनों की शुरुआती ट्रेनिंग बिल्कुल मुफ्त दी जाती है। इस बैठक के दौरान गांव बड़बर में फिश कियोस्क और एक्टिवा विद आइस बॉक्स का केस भी पास किया गया। इस मौके पर एडीसी (विकास) हरजंदर सिंह बेदी, लीड बैंक मैनेजर गुरपरमिंदर सिंह, कृषि विभाग से सुनीता शर्मा और अन्य अधिकारी व किसान प्रतिनिधि विशेष रूप से मौजूद रहे।


