भास्कर न्यूज | गढ़वा गढ़वा जिले के बड़गड़ थाना स्थित कुल्ही पिकेट एवं झालूडेरा (बुढ़ापहाड़) पिकेट में बुधवार को सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक, पलामू प्रक्षेत्र, पलामू (भा०पु०से०) शैलेन्द्र कुमार सिन्हा ने की। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना, उन्हें रचनात्मक कार्यों की ओर प्रेरित करना, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना तथा पुलिस की मित्रवत छवि को सुदृढ़ करना था। कार्यक्रम के दौरान कुल्ही पिकेट में स्थानीय युवा खिलाड़ियों के बीच खेल सामग्री का वितरण किया गया, जिससे युवाओं में खेल के प्रति उत्साह देखने को मिला। वहीं झालूडेरा (बुढ़ापहाड़) पिकेट में बच्चों के बीच शिक्षण सामग्री का वितरण कर उन्हें शिक्षा के प्रति जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बच्चों और युवाओं से संवाद कर उन्हें पढ़ाई, खेल और सकारात्मक गतिविधियों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक श्री शैलेन्द्र कुमार सिन्हा ने नक्सल परिदृश्य की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने नक्सलियों द्वारा की जा रही हिंसक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने, नक्सल प्रभाव वाले क्षेत्रों के भौगोलिक संकुचन, सुरक्षा बलों की मजबूत उपस्थिति, नक्सलियों के सरेंडर की नीति, एयर ऑपरेशन तथा नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास कार्यों को गति देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और विकास साथ-साथ चलने से ही स्थायी शांति संभव है। इसके उपरांत पुलिस महानिरीक्षक ने बहेरा टोली एवं पुनदाग स्थित सीआरपीएफ कैंप का भी गमन कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान सुरक्षा बलों की तैयारियों और क्षेत्र में चल रहे अभियानों की जानकारी ली गई। कार्यक्रम में पुलिस उप-महानिरीक्षक, पलामू क्षेत्र, डाल्टनगंज (भापुसे) किशोर कौशल, पुलिस अधीक्षक, गढ़वा (भापुसे) अमन कुमार, सीआरपीएफ 172 बटालियन के कमांडेंट एवं द्वितीय कमान अधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रंका रोहित रंजन सिंह, पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी भंडरिया सुभाष कुमार पासवान, थाना प्रभारी बड़गड़ दीपक कुमार मौर्य सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं जवान उपस्थित थे। पुलिस अधीक्षक गढ़वा अमन कुमार ने उपस्थित बच्चों से संवाद कर उन्हें नियमित पढ़ाई करने, अनुशासन में रहने और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गढ़वा पुलिस युवाओं को आपराधिक गतिविधियों से दूर रखने तथा पुलिस और जनता के बीच बेहतर संबंध स्थापित करने के लिए इस तरह के सामुदायिक कार्यक्रमों को विशेष महत्व देती है।


