भास्कर संवाददाता|टोंक डीएसटी (डिस्ट्रिक स्पेशल टीम) टीम की ओर से डिग्गी में पकड़े गए 5500 लीटर मिलावटी दूध मामले में डेयरी संचालक सोनू यादव के खिलाफ डिग्गी थाने में नामजद मामला दर्ज कराया गया है। संचालक सोनू यादव इतना शातिर है कि दूध की डेयरी कार्यालय तो एक स्थान पर यथावत रखता, जबकि दूध तैयार करने का कारखाना दूर एकांत में किराए से लेता था। जो आमजन की पहुंच से दूर हो। इतना ही नहीं दूध डेयरी का भी बदल बदलकर नाम रखता था। हालांकि चिकित्सा विभाग की ओर से भी बीते चार सालों में डेयरी से कई बार नमूने लिए जा चुके है। इनमें कभी सही तो कभी मिलावटी मिलने पर उससे जुर्माने के रूप में हजारों रुपए की राशि वसूली जा चुकी है। बावजूद सोनू आदतन होने से फिर से अवैध कारोबार शुरू कर देता। आसपास के लोगों से बातचीत में सामने आया कि सोनू मिलावटी दूध का कारोबार रोजाना करने की बजाय अंतराल या दूध की डिमांड पूछकर करता था। यही कारण रहा कि चिकित्सा विभाग की ओर लिए जाने वाले नमूनों में एक दो बार उसकी डेयरी से लिया गया दूध का नमूना सही भी मिलता था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी मदनलाल गुर्जर ने बताया कि आरोपी ने वर्ष 2021-22 में फूड लाइसेंस लिया था। डेयरी से लिए मावा-पनीर के नमूने फेल : सीएमएचओ डॉ शैलेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि विभाग की ओर से कार्यरत खाद्य अधिकारियों की ओर से समय समय पर नमूने लिए गए है। आरोपी सोनू यादव की श्री कृष्णा डेयरी से मावा, पनीर आदि के नमूने लिए थे। इनमें विभिन्न सालों में 7 नमूने लिए, इनमें एक असुरक्षित, तीन अवमानक मिले। वर्ष 2023 में लिए गए नमूने मिलावटी मिलने पर एडीएम कोर्ट में 15 हजार का जुर्माना, 27 अप्रैल 2025 लिया गया नमूना अवमानक मिलने पर एडीएम कोर्ट से 10 हजार रुपए का जुर्माना, 7 नवंबर 2025 को खाद्य अधिकारी डॉ मदनलाल गुर्जर की ओर से 2 नमूने संग्रहित किए। जो जांच में एक अनसेफ व एक अमानक मिला। असुरक्षित मिला नमूना फिर से जांच के लिए रेफरल लेब में भेजा गया तो अमानक मिला, जो अनुसंधानरत है। हाल में लिए गए 2 नमूनों की जांच के लिए जयपुर लैब में भेजा गया है। रिपोर्ट अनसेफ आने पर उसका लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


