अमृतसर से विधायक कुंवर विजय प्रताप ने फेसबुक पर लाइव होकर आम आदमी पार्टी सरकार पर कड़ा तंज कसा। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि हाल ही में विजिलेंस द्वारा दर्ज किया गया आय से अधिक संपत्ति का मामला, जो करीब सात महीने पहले दर्ज हुआ, जो ड्रग्स केस से अलग है। ड्रग्स का केस दिसंबर 2021 में कांग्रेस सरकार के समय दर्ज हुआ था, जब पंजाब में चरणजीत सिंह चन्नी मुख्यमंत्री थे। एफआईआर दिसंबर 2021 को पंजाब स्टेट क्राइम सेल में दर्ज हुई थी, यानी आम आदमी पार्टी की सरकार बनने से पहले। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद राजनीतिक बदले की भावना से आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया, जो अदालत में टिकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि बरगाड़ी बेअदबी मामला हो या ड्रग्स केस, हर बार समझौते के बाद नया केस सामने लाया गया। कांग्रेस सरकार के समय ड्रग्स केस पर AAP ने आंदोलन क्यों नहीं किया उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस सरकार के समय यह ड्रग्स केस दर्ज हुआ, तब आम आदमी पार्टी ने कोई बड़ा आंदोलन या दबाव क्यों नहीं बनाया। मार्च 2022 में जब भगवंत मान मुख्यमंत्री बने, उस समय बिक्रम मजीठिया जेल में थे, लेकिन इसके बावजूद ड्रग्स केस में न तो प्रभावी पूछताछ हुई, न रिमांड लिया गया और न ही समय पर चालान पेश किया गया। कुंवर विजय प्रताप ने कहा कि 10 अगस्त 2022 को मजीठिया को ड्रग्स केस में जमानत मिल गई और हाईकोर्ट में सरकार के वकील यह तक नहीं बता सके कि उन्हें रिमांड चाहिए या चालान पेश करना है। इससे साफ जाहिर होता है कि यह जमानत सरकारी तंत्र की लापरवाही या सहमति से हुई। मजीठिया की जमानत बना संवेदनशील मुद्दा, सुप्रीम कोर्ट का आदेश सामने उन्होंने कहा कि बिक्रम सिंह मजीठिया को मिली जमानत एक बेहद संवेदनशील और लगातार विवादित होता जा रहा मुद्दा है। यह जमानत माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई है और इसका आदेश दो तारीख को आया। कुंवर विजय प्रताप ने स्पष्ट किया कि उन्होंने जानबूझकर इतने दिन तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, क्योंकि जब तक तथ्य और अदालत का आदेश न देख लिया जाए, तब तक टिप्पणी करना उचित नहीं होता। उन्होंने कहा कि जब करीब सात महीने पहले बिक्रम सिंह मजीठिया की गिरफ्तारी हुई थी, तब भी उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में साफ लिखा था कि मजीठिया से उनके वैचारिक मतभेद पहले भी थे और आगे भी रहेंगे। उन्होंने यह बात एक नहीं, बल्कि तीन बार सार्वजनिक रूप से कही थी। वैचारिक मतभेद पहले भी थे, आगे भी रहेंगे: विधायक का स्पष्ट बयान कुंवर विजय प्रताप ने यह भी कहा कि मजीठिया की पत्नी के साथ जिस तरह की बदसलूकी हुई, उस पर उन्होंने उसी दिन आपत्ति दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा कि वे खुद पुलिस सेवा में रहे हैं, बड़े-बड़े अपराधी और गैंगस्टर पकड़े गए, लेकिन कभी भी किसी आरोपी के परिवार को परेशान नहीं किया गया। अपराधी को कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए, लेकिन परिवार के साथ दुर्व्यवहार नहीं होना चाहिए। कुंवर विजय प्रताप ने कहा कि बिक्रम मजीठिया को पंजाब में कोई सहानुभूति नहीं मिल सकती, क्योंकि उनके कार्यकाल में बहुत अन्याय हुआ। लेकिन यह भी सच है कि उस समय जो लोग यह सब कर रहे थे, आज वे मौजूदा सरकार के काफी करीब हैं। उन्होंने कहा कि आज पंजाब में पुलिस को असली अपराध, ड्रग्स और गैंगस्टरवाद से हटाकर राजनीतिक मामलों में उलझाया जा रहा है।अंत में कुंवर विजय प्रताप ने कहा कि वे किसी व्यक्ति का समर्थन नहीं कर रहे, बल्कि सच्चाई सामने रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि अदालत की प्रक्रिया पर वे टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट का आदेश सार्वजनिक दस्तावेज है और उस पर सवाल पूछना जनता का अधिकार है।


