उदयपुर में इस बार भीषण गर्मी के दौरान लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना नहीं पड़ेगा। जलदाय विभाग (PHED) ने गर्मी का पारा चढ़ने से पहले ही जिले के लिए 12.24 करोड़ रूपए का आकस्मिक समर प्लान तैयार कर लिया है। विभाग का मुख्य फोकस इस बार टैंकर सप्लाई को सुव्यवस्थित करने, लीकेज कंट्रोल करने और पुराने पंपसेटों को बदलने पर है। जलदाय विभाग ने पूरे जिले में छोटे-बड़े कुल 44 कार्यों को चिन्हित किया है। हालांकि, अधिकारियों का मानना है कि इस साल जल स्रोतों में पानी की उपलब्धता पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर है, लेकिन तकनीकी खामियों और बढ़ती मांग के कारण एडवांस प्लानिंग जरूरी है। समर प्लान के तहत जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा ताकि गर्मी के पीक सीजन में ब्रेकडाउन की स्थिति पैदा न हो। पुराना नेटवर्क बना चुनौती
विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती शहर और कस्बों का पुराना पाइपलाइन नेटवर्क है। पाइपलाइन पुरानी होने के कारण बार-बार लीकेज की समस्या आती है, जिससे प्रेशर कम हो जाता है। अंतिम छोर तक पानी पहुंचाना मुश्किल होता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे पानी का दुरुपयोग न करें और लीकेज दिखने पर तुरंत सूचित करें। समर प्लान के बजट को दो मुख्य हिस्सों में बांटा गया है। 888 क्षेत्रों में टैंकरों से होगी सप्लाई
दूर-दराज के इलाकों और ऊँचाई पर स्थित बस्तियों के लिए विभाग ने टैंकरों का सहारा लिया है। 14 पंचायत समितियों के 888 आबादी क्षेत्रों की पहचान की गई है जहाँ पानी की किल्लत हो सकती है। विशेष रूप से भिंडर, कानोड़, फतहनगर-सनवाड़ और खैरवाड़ा जैसे कस्बों में टैंकरों के माध्यम से नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।


