फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाकर आरपीएससी में स्टेनोग्राफर लगे कर्मचारी की गिरफ्तारी के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने ई-मित्र संचालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ई-मित्र संचालक ने करीब 20 हजार रुपए लेकर मुख्य आरोपी स्टेनोग्राफर की फर्जी दिव्यांग प्रमाण बनवाने में मदद की थी। वहीं, पुलिस ने मामले में ई-मित्र संचालक का सहयोग करने वाले जेएलएन अस्पताल में पूर्व में कार्यरत ठेका कर्मी को भी डिटेन किया जिससे पुलिस पूछताछ में जुटी है। सिविल लाइन थाना पुलिस के अनुसार स्टेनोग्राफर से पूछताछ के बाद फर्जी दिव्यांग प्रमाण बनवाने में मदद करने वाले नागौर डेगाना निवासी रामनिवास(35) पुत्र तुलछाराम को गिरफ्तार किया है। जिसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। स्टेनोग्राफर अरुण शर्मा अपने पूछताछ में बताया था कि उसने 2019 में ई-मित्र संचालक रामनिवास से मदद ली थी
जिसने करीब 20 हजार में प्रमाण पत्र बनाने में अवैध तरीके से मदद की थी। आरोपी ई-मित्र संचालक से पुलिस पूछताछ में जुटी है कि उसने प्रमाण पत्र कैसे बनवाया और अरुण के अलावा कितने लोगों के प्रमाण पत्र बनवाने में उसने मदद की? इस पूरे मामले में उसकी भूमिका कितनी है इसकी जानकारी सिविल लाइन थाना पुलिस जुटा रही है। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने जिलान अस्पताल में पूर्व में कार्यरत एक ठेका कर्मी को डिटेन किया है। जिस पर जेएलएन अस्पताल में कार्य करने के दौरान दस्तावेजों पर सील लगाने का आरोप है। हालांकि पुलिस जांच जुटी है।


