मनुष्य निर्माण से ही राष्ट्र निर्माण होगा:भागवत बोले- व्यवस्था और सरकार बदलती हैं, समाज शाश्वत रहता है

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत बुधवार को इंदौर पहुंचे। यहां से खरगोन जिले की कसरावद लेपा गांव स्थित पुनर्वास स्थल पहुंचे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्होंने सेवा कार्य से जुड़े करीब 300 कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। 51 मिनट के संबोधन में भागवत ने कभी गंभीर तो कभी मुस्कराते हुए समाज, व्यवस्था, सरकार, शिक्षा और धर्म पर खुलकर विचार रखे। भागवत ने कहा कि राष्ट्र निर्माण की बुनियाद मनुष्य निर्माण से ही रखी जा सकती है। बनाई व्यवस्थाएं, तंत्र और शासक बदलते रहते हैं, लेकिन समाज शाश्वत होता है। यदि समाज अपना कार्य स्वयं करे तो सरकार पर खर्च का बोझ कम होगा। सरकार उस संसाधन का उपयोग सीमाओं की सुरक्षा या अन्य राष्ट्रीय जरूरतों में कर सकेगी। भागवत ने हिंदू राष्ट्र की मांग पर भी टिप्पणी करते हुए कहा- कई लोग हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग करते हैं। जो पहले से है, उसे घोषित करने की क्या जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी सभ्यता, संस्कृति और धर्म आधारित जीवन दृष्टि से बनी है।

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