जालंधर महिला उत्पीड़न केसों में न्याय दिलाने और उनको मजबूत करने के लिए एक नई पहल शुरू हुई है। यहां के सिविल अस्पताल में सांझा राहत केंद्र की शुरुआत की गई है। यहां घरेलू और दूसरे लोगों द्वारा अत्याचार से पीडि़त महिलाओं की काउंसिलिंग और कानूनी सहायता मिलेगी। गुरुवार को जालंधर सिविल अस्पताल में स्पेशल डीजीपी गुरप्रीत देओ ने ‘सांझ राहत केंद्र’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मेडिकल सुपरिटेंडेंट और पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। यह केंद्र महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के मामलों में सहायता प्रदान करेगा। गुरप्रीत देओ ने जोर दिया कि इन महिलाओं से बातचीत कर उन्हें दोबारा अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए एक मुहिम चलाई जा रही है। यह केंद्र सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहेगा। यहां सिविल अस्पताल में आने वाली पीड़ित महिलाओं के साथ-साथ बाहर से भी महिलाएं काउंसलिंग ले सकेंगी। काउंसलर थानों और पीड़ित महिलाओं के घरों का दौरा कर मामलों की जांच भी करेंगे। स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और कानूनी सेवा प्राधिकारण मिलकर करेंगे काम स्पेशल डीजीपी गुरप्रीत देओ ने बताया कि इस ‘सांझ राहत केंद्र’ की शुरुआत पंजाब पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण और जिला कानूनी प्राधिकरण के सहयोग से की गई है। इसका संचालन ‘नई शुरुआत’ नामक एक एनजीओ द्वारा किया जाएगा। केंद्र में महिलाओं को दो काउंसलर उपलब्ध होंगे। इसलिए अस्पताल में बनाया गया केंद्र उन्होंने बताया कि सिविल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में अक्सर महिलाओं पर हुए अत्याचार के मामले आते हैं। डॉक्टरों के पास मरीजों की अधिक संख्या होने के कारण वे पीड़ित महिलाओं को पर्याप्त काउंसलिंग नहीं दे पाते। इसी कमी को पूरा करने के लिए यह केंद्र स्थापित किया गया है। स्पेशल डीजीपी ने कहा कि घरेलू हिंसा की शिकार महिलाएं बार-बार अस्पताल आती हैं, लेकिन उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाता। अब ये दो काउंसलर उनकी हर संभव मदद करेंगे। मोहाली, फतेहगढ़ और लुधियाना में पहले से ही ऐसे केंद्र चल रहे हैं, जहां 1000 में से 750 मामलों को सफलतापूर्वक हल किया गया है, जिनमें जहर के मामले भी शामिल हैं।


