टोंक के पचेवर थाना क्षेत्र में माशी नदी पर बने एनीकट में नहाने गया किसान पत्नी के सामने डूब गया। चिल्लाने की आवाज सुनकर जीजा बचाने के लिए पहुंचा, लेकिन जब पानी में लापता हो चुके थे। घटना बुधवार शाम करीब 4 बजे की है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और देर रात तक तलाश की गई, लेकिन किसान का कोई सुराग नहीं लगा। गुरुवार सुबह 9.30 बजे से SDRF और सिविल डिफेंस लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। दोपहर 2.30 बजे तक कोई सफलता नहीं मिली। पत्नी के सामने गहरे पानी में डूबा किसान पचेवर थाना प्रभारी प्रीति रतनू पुलिस ने बताया- बाछेड़ा निवासी कानाराम (27) पुत्र सकराम बावरी बंटाई पर खेती करता था। खेत मालिक जयपुर जिले के मेहंदवास गांव का रहने वाला है। कानाराम पिछले कुछ वर्षों से इसी खेत पर टपरी बनाकर पत्नी और बच्चों के साथ रह रहा था। बुधवार शाम करीब 4 बजे कानाराम अपनी पत्नी के साथ खेत से लगभग डेढ़ सौ मीटर दूर माशी नदी पर बने एनीकट पर नहाने गया था। पत्नी नदी किनारे खड़ी रही, जबकि कानाराम एनीकट में उतर गया। उसे तैरना ठीक से नहीं आता था। नहाते समय वह गहरे पानी में चले गए। शोर सुनकर दौड़े जीजा, लेकिन बचाया नहीं जा सका ग्रामीणों ने बताया- किसान कानाराम की पत्नी के जोर-जोर से चिल्लाने की आवाज सुनकर घटनास्थल से करीब डेढ़ सौ मीटर दूर बस्सी निवासी जीजा कमलेश बावरी दौड़कर पहुंचा, लेकिन तब तक किसान पानी में समा चुका था। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। देर शाम तक चला तलाश अभियान सूचना मिलने के करीब एक घंटे बाद शाम लगभग 5 बजे पचेवर थाना प्रभारी प्रीति रतनू पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचीं। ग्रामीणों और परिजनों की मदद से देर शाम तक एनीकट में तलाश की गई, लेकिन कानाराम का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने SDRF और सिविल डिफेंस को सूचना दी। दूसरे दिन भी जारी सर्च ऑपरेशन सूचना के बाद गुरुवार सुबह करीब 9 बजे SDRF और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं। साढ़े नौ बजे से एनीकट और आसपास के क्षेत्र में सर्चिंग अभियान शुरू किया गया, लेकिन दोपहर तक भी कानाराम का पता नहीं चल सका। कानाराम के दो छोटे बच्चे हैं। बड़ा बेटा धनराज (6) और छोटा बेटा मनराज है। पिता के डूबने की खबर के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है।


