कोटा से गुजरने वाली चेचट से एमपी रोड पर आज सुबह ग्रामीण बर्तन लेकर बैठ गए। उन्होंने पानी की मांग करते हुए प्रदर्शन किया और अधिकारियों को मौके पर ही बुलाने की मांग पर अड़ गए। उनका कहना था कि 8 दिन से घरों में पानी नहीं आया है। ऐसे में मजदूरी करने जाए या पानी की व्यवस्था करें। अधिकारियों ने फोन पर पानी की सप्लाई का आश्वासन दिया। इसके बाद सुबह 9 बजे शुरू हुआ धरना दोपहर 12 बजे खत्म हुआ। 7 टैंकर घटाकर अब 2 से ही सप्लाई दरअसल,रामगंजमंडी क्षेत्र में ताकली बांध डूब क्षेत्र से विस्थापित ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। रघुनाथपुरा गांव के ग्रामीण चेचट-गोविंदा मार्ग पर बर्तन लेकर बैठ गए। पानी,बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कहा कि पहले 7 टैंकर से गांव में पानी की सप्लाई की जा रही थी। इसे बाद में घटाकर 2 कर दिया गया। पिछले 8 दिन से घरों में पीने का पानी नहीं पहुंचा है। पानी के लिए डाली गई पाइप लाइन भी कई जगह से टूटी पड़ी है। शिकायत के बावजूद उसमें पानी नहीं छोड़ा गया। नूरपुरा में पानी की टंकी बनने के बावजूद आज तक उससे नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। चुनाव के दौरान आश्वासन देकर गए थे जनप्रतिनिधि, फिर भूले ग्रामीणों ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में सिंचाई विभाग और पीएचईडी अधिकारियों ने 3 महीने में टंकी से जल सप्लाई शुरू कराने का आश्वासन दिया था। चुनाव को ढाई साल बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। विस्थापन के बाद से ही बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे ग्रामीणों में इसको लेकर भारी आक्रोश है।


