IIT-ISM धनबाद पहुंची इसरो की ‘स्पेस ऑन व्हील्स’:छात्रों ने करीब से जाना चंद्रयान–मंगल मिशन का सफर, अंतरिक्ष विज्ञान को लेकर दिखा उत्साह

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की ‘स्पेस ऑन व्हील्स’ मोबाइल प्रदर्शनी बस तेलंगाना से यात्रा करते हुए आईआईटी-आईएसएम धनबाद परिसर पहुंची। इस अनोखी पहल का उद्देश्य देशभर के युवाओं और विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान, स्पेस टेक्नोलॉजी और इसरो की ऐतिहासिक उपलब्धियों से सीधे जोड़ना है। बस के धनबाद पहुंचते ही छात्रों और शिक्षकों में खासा उत्साह देखने को मिला। परिसर में दिनभर विद्यार्थियों की भीड़ प्रदर्शनी देखने उमड़ती रही। इसरो की यह पहल खासतौर पर उन छात्रों के लिए है, जो विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भविष्य बनाना चाहते हैं। बस के भीतर दिखे उपग्रह से लेकर चंद्रयान तक मोबाइल प्रदर्शनी बस के भीतर उपग्रह, प्रक्षेपण यान, चंद्रयान और मंगल मिशन से जुड़े आकर्षक मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं। इन मॉडलों के माध्यम से स्पेस टेक्नोलॉजी, रॉकेट लॉन्च की प्रक्रिया और इसरो के प्रमुख मिशनों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। छात्रों को बताया गया कि उपग्रह किस तरह काम करते हैं, रॉकेट कैसे प्रक्षेपित किए जाते हैं और अंतरिक्ष मिशनों की सफलता के पीछे वैज्ञानिकों की कितनी बड़ी भूमिका होती है। प्रदर्शनी में इसरो के अब तक के प्रमुख अभियानों और भविष्य की योजनाओं की भी झलक देखने को मिली। छात्रों ने विशेषज्ञों से किया सीधा संवाद आईआईटी-आईएसएम के छात्र-छात्राओं ने बस के अंदर रखे मॉडलों का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने इसरो के विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े कई सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने छात्रों के प्रश्नों के सरल, रोचक और व्यावहारिक उत्तर दिए। चंद्रयान, मंगल मिशन, सैटेलाइट टेक्नोलॉजी और भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों को लेकर छात्रों में खास जिज्ञासा देखने को मिली। कई छात्रों ने स्पेस रिसर्च और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग को करियर विकल्प के रूप में अपनाने की इच्छा भी जताई। वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने का प्रयास इसरो की ‘स्पेस ऑन व्हील्स’ पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना, उन्हें नवाचार के लिए प्रेरित करना और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम के दौरान आईआईटी-आईएसएम परिसर में विज्ञान के प्रति खास माहौल बना रहा। छात्रों ने इसरो की इस पहल को प्रेरणादायक बताया और कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की दिशा में आगे बढ़ने की ऊर्जा देते हैं।

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