कजाकिस्तान जेल में बंद राजस्थानी स्टूडेंट्स, रिहा करवाएंगे राना अध्यक्ष:प्रेम भंडारी बोले- परिवार लाखों रुपए नहीं दे सकता; विदेश में पढ़ रहे बच्चों का मेडिकल बीमा भी हो

कजाकिस्तान जेल में 13 महीने से बंद राजस्थान के दोनों MBBS स्टूडेंट्स की रिहाई के प्रयास शुरू हो गए हैं। राजस्थान के प्रवासियों की संस्था (राना) के अध्यक्ष प्रेम भंडारी ने काजिस्तान स्थित भारतीय एम्बेसी से संपर्क किया है। राजदूत वाई.के. सैलास थंगल ने दोनों छात्रों की रिहाई के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया है। दरअसल,राजस्थान से एमबीबीएस के लिए जयपुर के कूकस निवासी प्रियांशु यादव और मुंडावर निवासी अमित यादव कजाकिस्तान गए हैं। दोनों 31 दिसंबर 2024 को न्यू ईयर की पार्टी में गए थे। पार्टी के दौरान दो अन्य छात्रों में कहासुनी हो गई थी। प्रियांशु और अमित दोनों बीच-बचाव करने पहुंच गए। बीच-बचाव करने के प्रयास में दोनों मुसीबत में पड़ गए हैं और 13 महीने से कजाकिस्तान जेल में बंद हैं। परिजनों ने राना अध्यक्ष प्रेम भंडारी से मदद की गुहार लगाई थी। अब भंडारी ने दोनों की रिहाई के लिए प्रयास शुरू कर दिया है। विदेश में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों का बीमा हो भंडारी ने एम्बेसेडर को दोनों स्टूडेंट प्रियांशु और अमित यादव के परिजनों की व्यथा सुनाई। उन्होंने कहा कि परिवार आर्थिक रूप से इतना मजबूत नहीं है कि वकीलों को लाखों रुपए की फीस दे सकें। दोनों परिवारों ने जैसे-तैसे अपनी बचत खर्च कर और लोन लेकर बच्चों को पढ़ने भेजा था।
भंडारी ने कुछ समय पहले ही एम्बेसडर से भारत से बाहर अन्य देशों में जाकर पढ़ाई करने वाले छात्रों के बीमे को अनिवार्य रूप से लागू करवाने का भी आग्रह किया था। उन्होंने कहा था कि बीमे से हॉस्पिटल बिल से लेकर एयर एबुलेंस तक का खर्च आपात स्थितियों में कवर किया जा सकें। इस संबंध में भी एम्बेसेडर ने आश्वासन दिया है। पिछले अक्टूबर में भंडारी के प्रयास से कजाकिस्तान में जिंदगी की जंग लड़ रहे राहुल घोसल्या को एयर एम्बुलेंस के जरिए जयपुर लाया गया था। राहुल का परिवार भी इन व्यवस्थाओं के खर्च को वहन करने में सक्षम नहीं था। प्रेम भंडारी का जताया आभार राजदूत वाई.के. सैलास थंगल ने अपने सोशल अकाउंट X पर भंडारी का आभार जताते हुए एक पोस्ट की है। पोस्ट में लिखा है- विदेश में पढ़ रहे जरूरतमंद छात्रों के लिए आपकी निस्वार्थ सेवा के लिए आपका धन्यवाद। आपका अटूट समर्पण, करुणा और अथक प्रयास सचमुच एक सार्थक बदलाव ला रहे हैं और कई लोगों को प्रेरित कर रहे हैं, जिससे हमारा वैश्विक भारतीय समुदाय और मजबूत हो रहा है।

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