शिक्षकों ने बच्चों को तिलैया डैम के बारे में दी जानकारी

भास्कर न्यूज|कोडरमा राज इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण के लिए डीवीसी डैम तिलैया ले जाया गया। स्कूल के बच्चों ने जानकारी इकट्ठा करने के साथ खूब मस्ती की। बच्चों ने प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद के साथ मछली पालन को देखा। भ्रमण में स्कूल के करीब एक सौ बच्चे शामिल हुए। इस दौरान बच्चों ने विभिन्न प्रकार के खेल-कूद करने साथ डीजे की धून पर खूब डांस किया। मौके पर शिक्षक मो. इकबाल ने डीवीसी बांध के बारे में जानकारी दी तथा बताया की दामोदर घाटी निगम भारत का बहुद्देश्यीय नदी घाटी परियोजना है। निगम 7 जुलाई 1948 को स्वतंत्र भारत की प्रथम बहुद्देशीय नदी घाटी परियोजना के रूप में अस्तित्व में आया। बच्चों को जानकारी दी गई कि यह नदी घाटी परियोजना झारखंड में बनाई गई। दामोदर नदी झारखंड की प्रमुख नदी है और तिलैया बांध झारखंड के कोडरमा जिले में बराकर नदी पर बना है। यह बांध, दामोदर घाटी निगम द्वारा बनाया गया था। यह बांध बाढ़ को रोकने, मछली पालन और बिजली उत्पादन करता है। तिलैया बांध पंडित जवाहर लाल नेहरू की ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक था. इसका उद्घाटन 21 फ़रवरी, 1953 को पंडित जवाहर लाल नेहरू ने किया था। मो. इकबाल ने बताया कि यह बांध 1,200 फीट लंबा और 99 फीट ऊंचा है। यह बांध, 36 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। यह बांध, भारत का पहला बांध है जो आज़ादी के बाद बना था। यह बांध, बाढ़ को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया था। इस बांध पर हाइड्रो इलेक्ट्रिक पॉवर स्टेशन है जो 4 मेगावाट बिजली पैदा करता है। सभी शिक्षकों ने बच्चों के साथ मिलकर खेलकूद, डांस, बैडमिंटन, अंताक्षरी और लजीज भोजन का आनंद लिया। प्राचार्य राहुल घोष ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से बच्चों का मानसिक विकास होता है। मौके पर अनीता सिंह, आशीष भुजेल और आदित्य उपाध्याय आदि शिक्षक मौजूद थे।

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