मध्य प्रदेश में एक बार फिर सर्दी का असर तेज हो गया है। बीती रात प्रदेश के ग्वालियर समेत 8 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। वहीं 30 से अधिक जिलों में हल्के से लेकर घने कोहरे का असर देखने को मिला। मौसम विभाग के मुताबिक, ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि प्रदेश में सबसे ठंडा शहर राजगढ़ रहा। यहां पारा 7 डिग्री रहा। रीवा में 7.2 डिग्री, खजुराहो में 8.2 डिग्री, दतिया में 8.4 डिग्री, दमोह और सतना में 9.6 डिग्री तथा पचमढ़ी में 9.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, दमोह और रीवा में दृश्यता 500 से 1000 मीटर तक रही। दतिया, ग्वालियर, रतलाम, खजुराहो, सतना और उमरिया में 1 किलोमीटर से अधिक विजिबिलिटी दर्ज की गई, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत कई शहरों में 2 से 4 किलोमीटर तक दृश्यता रही। देखिए तस्वीरें अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम 6 फरवरी- ग्वालियर, भिंड, दतिया, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में घना कोहरा रहेगा। वहीं, भोपाल, गुना, अशोकनगर, इंदौर, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, विदिशा, सीहोर, रायसेन समेत कई जिलों में हल्के से मध्यम कोहरे का असर बना रहेगा। 7 फरवरी- कई जिलों में हल्के से मध्यम कोहरा रहेगा। इस दिन बारिश का अलर्ट नहीं है। क्यों बना है ऐसा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के कारण प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए रहे। वहीं पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी के बाद मैदानी क्षेत्रों में सर्द हवाएं पहुंच रही हैं, जिससे ठंड और कोहरे की स्थिति बनी हुई है। इसके अलावा पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 8 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर मध्यप्रदेश में भी दिखेगा। 10 फरवरी से प्रदेश के कुछ हिस्सों में मावठा गिरने की संभावना जताई गई है। पंजाब मेल, शताब्दी एक्सप्रेस सहित कई ट्रेन लेट कोहरे के कारण सड़क यातायात के साथ-साथ रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है। दिल्ली से आने वाली कई ट्रेनें देरी से पहुंचीं। जानिए, जनवरी में कैसी रही ठंड जनवरी में प्रदेश में ठंड, कोहरे, ओले और बारिश का दौर रहा। आखिरी सप्ताह में प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में बारिश हुई। वहीं, उज्जैन, ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में ओले भी गिरे। इस वजह से गेहूं, चना और सरसों की फसलें बर्बाद हो गईं। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी शुरू कराया है। ताकि, नुकसानी रिपोर्ट बन सके। इधर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर में रात के तापमान में गिरावट देखी गई। फरवरी में ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, पहले ही सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ का असर रहेगा। शुरुआत 4 दिन तक बारिश होने की संभावना है। 2 और 5 फरवरी को फिर से नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस की एक्टिविटी देखने को मिलेगी। इनके गुजरने के बाद ठंड का एक और दौर आ सकता है। MP के पांच बड़े शहरों में फरवरी का मौसम… भोपाल में रातें ठंडी रहती है, दिन गर्म
भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया था। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 25 डिग्री के पार है। इंदौर में बारिश का ट्रेंड नहीं
फरवरी के महीने में इंदौर में बारिश होने का ट्रेंड नहीं है। 2014 और 2015 में बूंदाबांदी जरूर हुई थी। दूसरी ओर, दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है। 2019 में तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां रात में पारा 10 डिग्री के नीचे रहता है।
ग्वालियर में कड़ाके की ठंड
ग्वालियर में कड़ाके की ठंड का ट्रेंड रहता है। इसकी वजह यहां सीधे उत्तरी हवाएं आना है। 4 फरवरी 2018 की रात में न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 1.9 डिग्री दर्ज किया गया था। साल 2019, 2022 और 2023 में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री से नीचे ही रहा। पिछले साल ग्वालियर में बारिश भी हुई थी। इस बार यहां फरवरी के पहले ही दिन बारिश का दौर रहा है।
जबलपुर में भी बदला रहता है मौसम
जबलपुर में भी मौसम बदला रहता है। फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक रहता है, जबकि रात में तापमान न्यूनतम 11 डिग्री के आसपास रहता है। यहां फरवरी में बारिश का भी ट्रेंड है। 10 में से 6 साल यहां बारिश हो चुकी है। उज्जैन में गर्मी, बारिश और ठंड का दौर
उज्जैन में गर्मी और ठंड के साथ बारिश भी होती है। दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है, जबकि रात में न्यूनतम पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया जाता है। उज्जैन में फरवरी महीने में बारिश का ट्रेंड कम ही है। लाइव ब्लॉग के मिनट टु मिनट अपडेट के लिए यहां से गुजर जाइए…


