नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ इलाके में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। डीआरजी और जिला पुलिस ने नक्सलियों के छिपाकर रखे गए हथियार फैक्ट्री से जुड़े भारी मात्रा में सामान का डंप बरामद किया है। इस कार्रवाई को माओवादी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। पुलिस को यह सफलता थाना सोनपुर क्षेत्र में विश्वसनीय खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान मिली है। बताया जा रहा है कि कोरसकोड़ों–पांगुड़–कंदुलपार इलाके में नक्सलियों ने हथियार निर्माण से जुड़ा यह डंप जमीन के भीतर छिपाकर रखा था। सूचना मिलते ही डीआरजी टीम ने सर्च अभियान चलाया। करीब 1000 किलो एल्यूमिनियम और हजारों पाइप जब्त सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बलों ने लगभग 1000 किलोग्राम एल्यूमिनियम रॉड, हजारों लोहे के पाइप, बीजीएल सेल, खाली मैगजीन, ग्राइंडर मशीन, वेल्डिंग और कटिंग उपकरण समेत बड़ी मात्रा में हथियार निर्माण में उपयोग होने वाला सामान बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक यह सामग्री नक्सली अपने हथियार और विस्फोटक उपकरण बनाने में इस्तेमाल करते थे। बरामद सभी सामग्री को सुरक्षित रूप से थाना सोनपुर लाकर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नए कैंप और ‘माड़ बचाओ’ अभियान से बढ़ा भरोसा पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हाल ही में इस क्षेत्र में बीएसएफ के सहयोग से नया सुरक्षा कैंप कोरसकोड़ों खोला गया है। इसके साथ ही ‘माड़ बचाओ’ अभियान के तहत अबूझमाड़ इलाके में लगातार नए कैंप स्थापित किए जा रहे हैं। सड़क, पुल-पुलिया और सरकार की योजनाओं की पहुंच अंदरूनी गांवों तक बढ़ने से ग्रामीणों का भरोसा पुलिस पर मजबूत हुआ है, जिसका असर खुफिया सूचनाओं के रूप में दिख रहा है। एसपी बोले- डेडलाइन तक नक्सलमुक्त बस्तर का लक्ष्य नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुड़िया ने कहा कि, नक्सलवाद के खिलाफ हमारा अभियान निरंतर जारी है। सुरक्षा बलों की यह मुस्तैदी क्षेत्र में शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी। तय डेडलाइन तक नक्सलमुक्त बस्तर के लक्ष्य को साकार किया जाएगा।


