भास्कर फर्स्ट पर्सन स्थानीय हार्वेस्ट टेनिस अकादमी जस्सोवाल में वीरवार को दूसरी जूनियर एशियन सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप के तहत मुकाबले शुरू हुए। चैंपियनशिप के दूसरे दिन भारत के लिए अच्छा रहा और अंडर-19 में भारतीय टीम ने मिक्स डबल्स की टीम ने ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर लिया है। भारतीय टीम में मिक्स डबल्स खेल रहे लुधियाना के सहजप्रीत सिंह बहादुर के पोस्ट आफिस भट्टियां में रहते हैं। जबकि अरमान सिंह दुगरी इलाके में रहते है। दोनों ने लॉन टेनिस छोड़कर सॉफ्ट टेनिस खेलना शुरू किया है। सॉफ्ट टेनिस एसोसिएशन पंजाब के जनरल सेक्रेटरी नरिंदर पाल सिंह ने दोनों को बधाई दी और कहा कि दूसरा दिन पंजाब के लिए अच्छा रहा। 2022 में सॉफ्ट टेनिस शुरू किया, 3 मेडल जीते “शुरूआत में गांव का माहौल सही नहीं था। घर वाले चाहते थे कि स्पोर्ट्स शुरू करें। क्योंकि आस पास कोई स्पोर्ट्स नहीं करता था। घर वाले चाहते थे कि बोर्डिंग स्कूल में पढ़ाई करें। 2015 में हार्वेस्टिंग एकेडमी ज्वाइन किया। तो वहां पर पीटी के दौरान लॉन टेनिस गेम का चुनाव किया। स्कूल में लॉन टेनिस का टूर्नामेंट शुरू कर दिया। टेनिस में कोई भविष्य नहीं बन रहा था। विदेशों में टूर्नामेंट ज्यादा होते है। यहां पर कम होते हैं। इतना बजट नहीं था कि मैं विदेश जा सकूं। जिसके चलते लॉन टेनिस छोड़ दिया। फिर 2022 में सॉफ्ट टेनिस शुरू कर दिया। स्टेट में तीन मेडल जीते। इसके बाद लगातार टूर्नामेंट खेले और मेडल जीते। पिता जसपाल सिंह और माता कंवलजीत कौर हाउस वाइफ है।”-जैसा सहजप्रीत सिंह ने बताया कोच के कहने पर 4 साल बाद गेम बदली “मैं शुरू से ही स्पोर्ट्स खेलना चाहता था। जब 12 साल का था। तो लॉन टेनिस खेलना शुरू कर दिया। लेकिन उसमें मौके कम मिल रहे थे और बच्चे भी ज्यादा थे। जिसके बाद कोच की सलाह पर 2021 में साफ्ट टेनिस खेलना शुरू किया था। 2024 में पहली नेशनल गेम खेली थी। 2025 में कोरिया कप में खेला था। लेकिन उसमें मेडल नहीं आया। 2025 में फेडरेशन कप में ब्रॉन्ज मेडल आया। 2025 में सीनियर नेशनल में ब्रॉन्ज मेडल आया। पिता सुखजीत सिंह जॉब करते थे। मदर मीरा एस्ट्रोलजर है। अभी मेरी बीए की पढ़ाई चल रही है। प्रेक्टिस के लिए सुबह शाम साउथ सिटी में जाता है।” -जैसा अरमान सिंह ने बताया


