झारखंड हाईकोर्ट में गुरुवार को राजधानी रांची की जर्जर सड़कों और पुल-पुलिया की बदहाल स्थिति से जुड़े मामले की सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक आैर जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने सुनवाई के बाद राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने सरकार से पूछा है कि शहर के कई क्षेत्रों में सड़कों की स्थिति बेहद खराब है। इसकी मरम्मत के लिए क्या किए गए हैं। अदालत ने सड़कों की मरम्मत की प्रगति पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अदालत ने सरकार से पूछा है कि शहर की जर्जर सड़कों की मरम्मत कब तक पूरी की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी को निर्धारित की गई है। अगली सुनवाई में नगर विकास विभाग और पथ निर्माण विभाग को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। इससे पहले सुनवाई के दौरान अधिवक्ता शुभम कटारूका ने अदालत को जानकारी दी कि रांची के कई प्रमुख इलाके जैसे गाड़ीखाना-मधुकम रोड, बरियातू, रातू रोड, बिरसा चौक, हरमू रोड, किशोरगंज, मोरहाबादी, कांके रोड, डोरंडा, पुंदाग, रातू, अरगोड़ा, बुटी मोड़, कांटाटोली, खेलगांव सहित अन्य क्षेत्रों में सड़कें जर्जर हैं। इससे लाखों की आबादी प्रभावित है। जर्जर सड़कों की वजह से रोजाना जाम, दुर्घटनाएं और जलजमाव जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। इस पर अदालत ने सरकार से पूछा कि अब तक सड़कों के सुधार के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत शपथ पत्र दायर करने का निर्देश दिया है।


