भास्कर न्यूज | गढ़वा/मेराल जिले में सरकार की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों में अध्ययनरत छह माह से तीन वर्ष के बच्चों को पोषाहार उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर सेविकाएं दुकान से उधार लेकर बच्चों को जुलाई माह से ही पोषाहार उपलब्ध करा रही हैं। जिले के 1354 आंगनबाड़ी केंद्रों में 49551 बच्चे अध्ययनरत हैं। जिन्हें सात माह से पैसों के अभाव में पोषाहार सरकार की ओर से नहीं मिल पा रहा है। सेविकाओं के अनुसार सात माह में उधार लेकर सभी केंद्र मिलाकर करीब 44 करोड़ की पोषाहार उपलब्ध कराया जा चुका है। इतना ही नहीं उधार लेकर पोषाहार उपलब्ध कराने के बाद भी सेविकाओं को बाजार मूल्य से कम ही राशि सामग्रियों का निर्धारित किया गया है। जिससे सेविकाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विदित हो कि जिले में कुल नौ परियोजना है। जहां 1354 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किया जाता है। आंगनबाड़ी कर्मचारी सभा के जिलाध्यक्ष सह आंगनबाड़ी केंद्र मेराल चरका पत्थर की सेविका विभा रानी ने बताया कि विगत जुलाई माह से पोषाहार का राशि नहीं मिली है। सात महीने में प्रति आंगनबाड़ी केंद्र में लगभग 33000 रुपए के लगभग राशि दुकानदार का बकाया है। जिस कारण अब दुकानदार उधार देने के लिए हाथ उठाने लगे हैं। वहीं दूसरी विसंगति बाजार भाव के अनुसार सामग्री का राशि नहीं मिलता है। बाजार में सामग्री का दाम बहुत अधिक लगता है। जबकि सरकार द्वारा दाल 86 रुपए प्रति किलो, तेल 100 लीटर, चीनी 38 रुपए, बादाम दाना 110 रुपए, गुड़ 38 रुपए, चाना 53 रुपए प्रति किलो खरीदी के लिए राशि निर्धारित है। इतना ही नहीं एक महीने पोषाहार बनाने के लिए 100 रुपए जलावन का दिया जाता है। जबकि एक महीने पोषाहार बनाने के लिए 1000 रुपए से अधिक का जलावन खरीदना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अभी तक आधे से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र में गैस सिलेंडर भी नहीं मिला है। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्र तक चावल ले जाने के लिए किराया राशि भी नहीं मिलता है। यही बात आंगनबाड़ी केंद्र मेराल बाजार टोला की सेविका नागवंती देवी, मेराल छव आनाटोला की सेविका प्रभावती देवी, माधुरी टोला की सेविका सुषमा देवी, बाना राम बांध की सेविका सबिता देवी, लखेया मल्लाह टोला की सेविका तेतरी देवी ने भी बताया है। राज्य से स्वीकृति प्राप्त हो गई है : डीसी : उपायुक्त दिनेश कुमार यादव ने कहा कि राज्य से स्वीकृति प्राप्त हो गई है। जल्द ही पोषाहार का वितरण शुरू कर दिया जाएगा। वहीं सेविकाओं का बकाया राशि नवंबर माह तक भुगतान कर दिया गया है। शेष का भी जल्द ही भुगतान कर दिया जाएगा।


