एबी रोड पर राऊ सर्कल से आगे मेडिकैप्स जंक्शन पर रोजाना लगने वाले जाम व एक्सीडेंट्स की परेशानी के समाधान के लिए 800 मीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। एनएचएआई ने इस जंक्शन के साथ ही एबी रोड हाईवे पर इंदौर से खलघाट के बीच तीन अन्य स्थानों पर एक अंडरपास और दो फ्लायओवर बनाने की तैयारी भी की है। काम शुरू करने के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। पहला प्रोजेक्ट मेडिकैप्स से पिगडम्बर तक एलिवेटेड कॉरिडोर का होगा। इसके दोनों तरफ लगभग 400 मीटर का एप्रोच रोड बनाया जाएगा। फ्लायओवर बनाने की मांग स्कूल-कॉलेज प्रबंधन और क्षेत्र के किसान भी कर रहे थे। 3 साल में हादसों में 10 से ज्यादा मौतें, एक्सीडेंट जोन बन चुका है मेडिकैप्स से पिगडम्बर जंक्शन के लिए फ्लायओवर या एलिवेटेड कॉरिडोर बेहद जरूरी है। यहां से हर दिन 50 हजार से ज्यादा वाहन और 16 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं आवाजाही करते हैं। तीन साल में यहां सड़क दुर्घटनाओं में 10 से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं। एलिवेटेड कॉरिडोर से सिर्फ इस तिराहे ही नहीं, पास के पिगडम्बर गांव के लोगों को भी राहत मिलेगी। एलिवेटेड कॉरिडोर के माध्यम से दो एक्सीडेंट स्पॉट को खत्म करने की योजना है। इससे पिगडम्बर गांव और आसपास के क्षेत्र के लोग आसानी से ट्रक और अन्य भारी वाहनों से उलझे बिना हाईवे पर आ सकेंगे। सभी प्रोजेक्ट का बजट 275 करोड़ 39 लाख रुपए है। 2 साल की समय सीमा, 10 साल रखरखाव एबी रोड हाईवे पर सिरसोदिया गांव पर लाइट व्हीकल अंडरपास और धामनोद बायपास के शुरुआती और अंतिम बिंदु पर फ्लायओवर निर्माण होंगे। सभी स्ट्रक्चर 6 लेन बनाए जाने की योजना है। काम पूरा करने के लिए 2 साल का समय दिया जाएगा और रखरखाव 10 साल के लिए करना होगा। सिरसोदिया गांव का अंडरपास इंदौर (जीपीओ) से 61 किमी पर है और धामनोद बायपास के शुरुआती और अंतिम बिंदु 65 किमी और 73 किमी पर हैं। फ्लायओवर धामनोद में बन जाने से क्षेत्र का यातायात सुगम होगा और एक्सीडेंट कम होंगे। चारों प्रोजेक्ट पर एक ही एजेंसी काम करेगी।


