भारत सरकार द्वारा गठित राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड की बैठक में शहर के विभिन्न बाजार, ट्रेड एसोसिएशन के सदस्यों ने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं। सभी का कहना है, शहर के बाजारों में अतिक्रमण, ट्रैफिक जाम, अवैध कब्जे, दुकानों की समस्या आम है। जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर भी नहीं है। कारोबार करना मुश्किल हो रहा है। संगठनों की पीड़ा सुनकर बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा, कल्याण बोर्ड का गठन प्रधानमंत्री ने व्यापारियों की समस्याओं के निराकरण के लिए किया है। अधिकारी इसे हलके में नहीं लें। व्यापारियों से भी कहा, आप भी नियमों का पालन करें, फुटपाथ पर सामान नहीं रखें। गुरुवार को रेसीडेंसी कोठी पर अध्यक्ष सुनील सिंघी की अध्यक्षता में बोर्ड की बैठक हुई। इसमें स्थानीय जीएसटी, आयकर, उद्योग, सीजीएसटी और प्रशासन-पुलिस अफसर मौजूद रहे। कल्याण बोर्ड के सदस्य रमेश खंडेलवाल ने बोर्ड के बारे में बताते हुए कहा, इसका गठन व्यापारियों के हितों की सुरक्षा के लिए किया है। बैठक में स्थानीय बाजार, ट्रांसपोर्टर, एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा सबसे बड़ी समस्या बाजार इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण नहीं होना है। आज भी मूलभूत समस्याओं से दो-चार होते हैं। व्यापारियों की समस्याएं सुनने के बाद अफसरों ने कहा, समस्या सुनने व संवाद के लिए कभी मनाही नहीं है। अध्यक्ष सिंघी ने कहा, व्यापारी पूरे सिस्टम का अहम हिस्सा हैं। पीएम को जब बताया गया तो उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं जिला स्तर पर भी व्यापारियों की सुनवाई के लिए फोरम के गठन का निर्देश दिया है। व्यापारियों ने यह सुझाव भी रखे बैठक में यह मौजूद रहे कारोबारी गोपाल अग्रवाल, गोविंद अग्रवाल, सुमीत सूरी, अक्षय जैन, नरेंद्र बाफना, राजेन्द्र सिंह वासू, योगेश मेहता, प्रमोद डफरिया, अमित दवे, कैलाश मूंगड, अश्विन लखोटिया, राजेंद्र खंडेलवाल, राकेश तिवारी, पंकज माहेश्वरी, हरीश नागर, अनुराग बोथरा, परमानंद वालेचा, सुशील मेहता, मनमोहन टुटेजा, विक्रम देसाई, प्रेम माहेश्वरी, राजेश बाहेती, राजेंद्र जैन, मनीष निगम, हेमा पंजवानी, मनोज काला, अविनाश शास्त्री, विकास जैन आदि। अधिकारियों में जीएसटी कमिश्नर अनय द्विवेदी, एडीएम रोशन राय, एकेवीएन ईडी हिमांशु प्रजापति, प्रतुल सिन्हा आदि।
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