इंदौर के भागीरथपुरा जैसा मामला वार्ड-80 के पाराशर नगर में सामने आया है। यहां के रहवासी कुछ दिनों से गंदा पानी आने की शिकायत कर रहे थे। नगर निगम ने जब नर्मदा जल वितरण के वाल्व के पास खुदाई की तो पता चला कि चार लोगों ने निजी ड्रेनेज लाइन नर्मदा जल सप्लाई के चेंबर में जोड़ रखी है। जिससे पानी दूषित हो रहा था। बता दें कि भागीरथपुरा में दूषित पानी से 32 लोगों की मौत हुई है। इंदौर में दूषित पानी सप्लाई के लिए नगर निगम ही जिम्मेदार नहीं है, बल्कि वे लोग भी जिम्मेदार हैं, जो घर से निकलने वाले गंदा पानी की नाली और ड्रेनेज लाइन पेयजल सप्लाई चेंबर में जोड़ रहे हैं या उसके आसपास छोड़ रहे हैं। पाराशर नगर में बड़ा मामला सामने आया है। चार मकानों की ड्रेनेज लाइन पेयजल चेंबर से जुड़ी पाई गई है। निगम ने ड्रेनेज लाइन हटाई गंदा पानी आने की शिकायत पर निगम की टीम मौके पर पहुंची और नर्मदा जल सप्लाई चेंबर खोलकर गंदे पानी के सोर्स का पता लगाने की कोशिश की, तो पता चला कि चार लोगों ने ड्रेनेज लाइन चेंबर से जोड़ दी है। जिसके कारण पानी दूषित होकर घरों तक पहुंच रहा था। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ड्रेनेज और पानी की लाइनों को अलग किया और व्यवस्था को दुरुस्त कर दिया। पानी की सप्लाई सामान्य हो गई वार्ड पार्षद प्रशांत बडवे ने बताया कि रहवासियों की शिकायत के बाद जांच में यह गड़बड़ी सामने आई थी। फिलहाल सुधार कार्य पूरा कर लिया गया है और क्षेत्र में पानी की सप्लाई सामान्य हो गई है। ये खबर भी पढ़िए… इंदौर में दूषित पानी से 32वीं मौत भागीरथपुरा में दूषित पानी हादसे में एक और मौत हो गई। एक माह से अधिक समय से एडमिट रही अनिता कुशवाह (65) ने रविवार रात को दम तोड़ दिया। अनिता का बॉम्बे हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। वह लंबे समय से वेंटिलेटर पर थीं। इन्हें मिलाकर दूषित पानी से अब तक 32 मौतें हो चुकी हैं। पढ़ें पूरी खबर…


