रतलाम नगर निगम में कुत्तों की नसबंदी का घोटाला:33 हजार की नसबंदी का दावा, सर्वे में 2204 मिले; संभागायुक्त ने निगम कमिश्नर से मांगा जवाब

रतलाम शहर में कुत्तों के बधियाकरण के नाम पर हुए करोड़ों रुपए के कथित घोटाले की लोकायुक्त जांच लगभग पूरी हो चुकी है। इस मामले में संभागायुक्त ने नगर निगम आयुक्त को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, जबकि लोकायुक्त ने अपनी जांच रिपोर्ट तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को भोपाल भेज दी है। कांग्रेस पार्षद ने उठाया था बधियाकरण में भ्रष्टाचार का मुद्दा रतलाम में कुत्तों के बधियाकरण को लेकर हुए कथित भ्रष्टाचार की शिकायत वार्ड क्रमांक 1 की कांग्रेस पार्षद भावना हितेश पैमाल ने लोकायुक्त और संभागायुक्त से की थी। पार्षद ने नगर निगम के सम्मेलन में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। निगम ने बताए 33 हजार से ज्यादा कुत्तों के बधियाकरण का दावा नगर निगम की ओर से पार्षद को दिए गए जवाब में बताया गया था कि वर्ष 2022 से 2025 के बीच निगम द्वारा करीब 2 करोड़ 58 लाख रुपए खर्च कर 33 हजार 630 कुत्तों का बधियाकरण किया गया है। नगर निगम के दावे के विपरीत, स्वास्थ्य विभाग द्वारा अगस्त माह में शहर के पांचों जोन में कराए गए सर्वे में बधियाकरण किए गए सिर्फ 2204 कुत्ते ही पाए गए। इसके अलावा 3111 कुत्ते ऐसे मिले, जिनका अभी तक बधियाकरण नहीं हुआ है। 31 हजार से ज्यादा कुत्ते कहां गए, निगम के पास जवाब नहीं सर्वे रिपोर्ट के अनुसार जब 2204 कुत्तों का ही बधियाकरण मिला और 3111 कुत्ते अभी शेष हैं, तो निगम द्वारा बताए गए 33 हजार 630 कुत्तों में से करीब 31 हजार 426 कुत्ते कहां हैं, इस सवाल का जवाब निगम के अधिकारियों के पास नहीं है। इसी को लेकर खर्च की गई राशि पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोकायुक्त और संभागायुक्त को की गई थी शिकायत कांग्रेस पार्षद भावना हितेश पैमाल ने इस पूरे मामले को लेकर लोकायुक्त और संभागायुक्त को शिकायत कर कुत्तों के बधियाकरण के नाम पर हुए भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए संभागायुक्त ने नगर निगम आयुक्त को नोटिस जारी किया है। नोटिस में पूछा गया है कि कुत्तों के बधियाकरण में भ्रष्टाचार हुआ है या नहीं, इसकी पूरी रिपोर्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत की जाए। नोटिस के बाद फिर गरमाया मामला संभागायुक्त का नोटिस आने के बाद लगभग एक माह से ठंडे पड़े कुत्ता बधियाकरण घोटाले का मामला एक बार फिर तूल पकड़ने लगा है। इस पूरे मामले की जांच लोकायुक्त द्वारा भी की जा रही है। लोकायुक्त उज्जैन ने नगर निगम से जुड़े अधिकारियों और संबंधित पक्षों को तलब कर बयान दर्ज किए हैं और आवश्यक दस्तावेज भी जुटाए हैं। फिजिकल वेरिफिकेशन का नहीं मिला कोई ठोस प्रमाण लोकायुक्त जांच में अब तक यह सामने आया है कि बधियाकरण किए गए कुत्तों का फिजिकल वेरिफिकेशन किए जाने का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है। यह जांच रिपोर्ट अब भोपाल में वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। कांग्रेस पार्षद ने लगाए गंभीर आरोप कांग्रेस पार्षद भावना हितेश पैमाल ने कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित दर से कम दरों में बधियाकरण कराया गया और निविदा की शर्तों का भी पालन नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुत्तों के बधियाकरण के नाम पर बड़ा घोटाला किया गया है और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

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