नेटफ्लिक्स फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ का देशभर में विरोध:मानवाधिकार आयोग ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को नोटिस भेजा, कानूनगो बोले- भारत विरोधी विचारधारा से प्रेरित

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने नेटफ्लिक्स पर प्रस्तावित फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर कड़ा ऐतराज जताया है। आयोग ने इस मामले में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को नोटिस जारी कर जरूरी कार्रवाई करने को कहा है। प्रियंक कानूनगो ने विदिशा में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि आयोग को इस फिल्म को लेकर शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि फिल्म का शीर्षक और ट्रेलर एक विशेष समुदाय को निशाना बनाता है। ‘पंडित’ को ‘पंडत’ कहना आपत्तिजनक: कानूनगो कानूनगो ने कहा कि “पंडित” शब्द को “पंडत” कहना पाकिस्तानी लहजे की ओर इशारा करता है, जो भारत विरोधी सोच से प्रेरित लगता है। उन्होंने कहा कि यह एक समुदाय और जाति को अपमानित करने और समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास है, जो संविधान के मूल्यों के खिलाफ है। ट्रेलर को लेकर देशभर में विरोध नेटफ्लिक्स ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रस्तावित फिल्म के ट्रेलर को लेकर देशभर में विरोध तेज हो गया है। खासकर ब्राह्मण समाज में इस फिल्म को लेकर गहरा आक्रोश है। समाज के लोगों का कहना है कि ऐसे शब्दों का इस्तेमाल एक सम्मानित समुदाय की छवि खराब करने की कोशिश है। सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप विरोध करने वालों का कहना है कि फिल्म के संवाद समाज में नफरत और तनाव फैलाने वाले हैं। ऐसे कंटेंट पर रोक लगाना जरूरी है, ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे। प्रियंक कानूनगो विदिशा में अनुसूचित जाति छात्रावासों के अधीक्षकों द्वारा आयोजित संत रविदास महाराज जयंती कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि संत रविदास महाराज की शिक्षाएं सामाजिक समानता और समरसता का संदेश देती हैं। इस कार्यक्रम में विदिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता भी मौजूद रहे। कानूनगो ने कहा कि समाज को जोड़ने वाले महापुरुषों के आदर्शों पर चलना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।

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