इंदौर में बुकिंग कर बुलवाई रैपिडो, पहुंचते ही की कार्रवाई:नाबालिग से दुष्कर्म मामले के बाद सख्त हुआ प्रशासन, 12 रैपिडो बाइक जब्त

इंदौर में बिना वैध ट्रेड लाइसेंस के संचालित हो रही ऑनलाइन बाइक टैक्सी सेवाओं पर अब परिवहन विभाग ने सीधी कार्रवाई शुरू कर दी है। नाबालिग से दुष्कर्म की घटना के बाद आरटीओ ने रैपिडो के खिलाफ शिकंजा कस दिया है। तीन दिन पहले ही रैपिडो के अधिकारियों को नोटिस जारी किया जा चुका है। अब पुलिस की मदद से ऐप को बंद करवाने की कार्रवाई की जाएगी। एआरटीओ अर्चना मिश्रा ने बताया कि गुरुवार को उनकी टीम ने एआरटीओ राजेश गुप्ता के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई करते हुए रैपिडो की 12 बाइक टैक्सियों को जब्त किया। खास बात यह रही कि कार्रवाई के लिए आरटीओ अमले ने मोबाइल ऐप के जरिए खुद बुकिंग कर बाइक चालकों को बुलवाया। जैसे ही चालक तय स्थान पर पहुंचे, मौके पर मौजूद परिवहन विभाग की टीम ने बिना वैध ट्रेड लाइसेंस के संचालन का हवाला देते हुए बाइक जब्त कर ली। एआरटीओ ने बताया कि आरटीओ कार्यालय द्वारा अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (अपराध) को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इंदौर में रैपिडो बाइक टैक्सी कंपनी को कोई ट्रेड लाइसेंस जारी या नवीनीकृत नहीं किया गया है। इसके बावजूद रैपिडो मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से खुलेआम बाइक टैक्सी सेवाएं चला रही है। कंपनी को नोटिस, ऐप बंद करने के निर्देश दिए एआरटीओ ने बताया कि घटना सामने आते ही रैपिडो ट्रांसपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी कर तत्काल ऑनलाइन मोबाइल एप्लिकेशन बंद करने और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। स्पष्ट किया गया है कि यदि जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया तो एकतरफा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की मदद से कार्रवाई होगी तेज एआरटीओ ने बताया कि वर्ष 2021 से 2024 तक कई बार संबंधित कंपनियों की मोबाइल एप्लिकेशन बंद कराने और कानूनी कार्रवाई के लिए लेटर भेजे गए, लेकिन ऐप पर प्रत्यक्ष नियंत्रण न होने के कारण इन्हें बंद नहीं कराया जा सका। अब पुलिस के सहयोग से कार्रवाई तेज की जा रही है। उल्लेखनीय है कि शहर में इसी सप्ताह की शुरुआत में एक गंभीर घटना सामने आई, जिसमें रैपिडो बाइक टैक्सी चालक पर 17 वर्षीय नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का आरोप है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कपड़े दिलाने के बहाने नाबालिग को अपने कमरे पर ले जाकर वारदात को अंजाम दिया। इस मामले में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

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