बड़वानी में एक निजी स्कूल (शारदा एकेडमी) का वाहन हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गया। घटना अंजड़ थाना क्षेत्र के ग्राम हरीबड़ का है। आज शुक्रवार सुबह शराब के नशे में धुत होकर तेज रफ्तार से वाहन चला रहा था। ग्रामीणों ने ड्राइवर को रोका और स्कूल संचालक को मौके पर बुलाकर बच्चों से भरे वाहन को सुपुर्द किया। सुबह करीब 8:15 बजे शारदा एकेडमी का स्कूल वाहन ग्राम हरीबड़ में बच्चों को लेने पहुंचा था। गांव के चौराहे से तेज रफ्तार से गुजरते वाहन को देखकर ग्रामीण चौक गए। उन्हें हादसे की आशंका हुई, जिसके बाद उन्होंने वाहन को रुकवाया। वाहन चालक शराब के नशे में था और ग्रामीणों से गाली-गलौज करने लगा। ग्रामीणों ने बच्चों को दूसरे ड्राइवर के साथ स्कूल भेजा ड्राइवर की स्थिति देखकर ग्रामीणों ने तत्काल स्कूल संचालक को मौके पर बुलाया। इसके बाद बच्चों को दूसरे ड्राइवर के साथ स्कूल भेजा गया। ग्रामीणों ने बताया कि चौराहे पर बस स्टैंड करते समय एक गंभीर हादसा होने से बच गया। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों निजी स्कूल बसें और छोटे वाहन प्रतिदिन बच्चों को लेकर व्यस्त सड़कों पर चलते हैं। हालांकि, इन वाहनों की रफ्तार और चालकों की निगरानी के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं है। पुलिस थानों के सामने से गुजरने वाले ओवरलोडेड स्कूल वाहनों पर भी अक्सर कोई कार्रवाई नहीं होती है। परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की ओर से भी इस दिशा में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्कूल वाहन संचालकों पर सख्त कार्रवाई की मांग ग्रामीण राजेंद्र मुकाती ने बताया कि आज हरीबड़ गांव में ऐसी ही एक घटना सामने आई, जिसमें नशे में धुत स्कूल वाहन चालक बच्चों से भरे वाहन को तेज रफ्तार में दौड़ा रहा था। ग्रामीणों ने वाहन रोककर ड्राइवर को सबक सिखाया और स्कूल संचालक को बुलाकर बच्चों को सुरक्षित स्कूल भिजवाया। गांव के लोगों ने इस मामले में स्कूल प्रबंधन को जानकारी दी और प्रशासन से भी मांग की है कि जिले में बच्चों की जान से खिलवाड़ कर रहे निजी स्कूलों और स्कूल वाहन संचालकों पर लगाम कसी जाए।


