भास्कर न्यूज | अमृतसर सियासत में कुछ भी स्थाई नहीं होता। कब क्या तब्दीली हो जाए कुछ नहीं कहा जा सकता। कमोबेश, इस बार होने जा रहे नगर निगम चुनावों में भी ऐसी ही हो रहा है। निगम और अवाम में अपने रसूख और कार्यशैली से दबदबा रखने वाले कई दिग्गज इस बार चुनावी मैदान से बाहर हैं। हालांकि सभी अपने-अपने तरीके से इसके कारण बता रहे हैं लेकिन उनका चुनाव न लड़ना उनके समर्थकों को खल रहा है। इस फेहरिस्त में मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर रहे लोगों के नाम शामिल हैं तो भाजपा के वरिष्ठ नेता भी शुमार हैं। कर्मजीत सिंह रिंटू, जो कि मेयर रह चुके हैं, इस बार चुनाव मैदान में नहीं हैं। रिंटू 2017 के चुनाव में वार्ड 12 से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर जीते थे और मेयर भी बने थे। फिलहाल इस बार उनकी वार्ड 10 हो गई है। रिंटू आम आदमी सरकार आने के बाद वह अपनी टीम के साथ आप में शामिल हो गए थे। उनका कहना है कि इस बार वह खुद से चुनाव नहीं लड़ रहे हैं बल्कि दूसरे को मौका दे रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शुमार रमन बख्शी 4 बार चुनाव लड़ चुके हैं और तीन बार जीते थे। पिछली कांग्रेस के दौर में वह सीनियर डिप्टी मेयर भी रहे। उनका आरोप है कि वेस्ट हलके के अधीन आते छेहर्टा की 8 में से 7 सीटें रिजर्व करवा दी गई हैं। इसमें उनकी सीट जो पहले 84 थी, अब 79 हो गई है। उनका आरोप है कि सरकार ने जानबूझकर उनकी सीट रिजर्व करवाई है ताकि वह चुनाव न लड़ सकें। वरिष्ठ भाजपा नेता अनुज सिक्का की वर्तमान वार्ड 15 है, जो पहले 17 थी। सिक्का खुद दो बार पार्षद जीत चुके हैं और बीते साल उनकी पत्नी संध्या सिक्का पार्टी की टिकट पर जीती रही हैं। इस बार चुनाव न लड़ने बारे वह कहते हैं कि हमारे परिवार ने 3 बार सीट जीती है। दूसरों को भी मौका मिले इसलिए उनका परिवार इस बार चुनाव से बाहर है। उनका कहना है कि हरेक पुराने नेता को इसी तरह से बड़ा दिल दिखाना चाहिए।


