न हम शहर के रहे न गांव के, किससे मांगेंगे सुविधाएं

शिवराज द्रुपद | अमृतसर जल्दबाजी में हो रहे नगर निगम चुनाव में इस बार खामियों की भरमार है। कहीं पर जायज वोट कटने की शिकायत तो कहीं पर एक वार्ड का वोट दूसरे वार्ड में करने के आरोप लग रहे हैं। वहीं एक ऐसा मामला सामने आया है जहां एक वार्ड के पूरे बूथ वाले इलाके को निगम से बाहर ही कर दिया गया। नतीजतन इस बार यहां के 1,200 वोटर मताधिकार से वंचित रह जाएंगे। गौर हो कि पुरानी वार्ड 84 के अधीन आता बूथ 131 हमीदपुर विधानसभा हलका अटारी के अधीन आता है। इस वार्ड से बीते चुनाव में रमन बख्शी पार्षद जीते थे और सीनियर डिप्टी मेयर बने थे। खैर, साल 2024 में हुई नई वार्डबंदी के दौरान इस वार्ड को तब्दील करके 79 कर दिया गया। इस में लापरवाही बरती गई है। बख्शी का कहना है कि इस वार्ड के अधीन आते सभी इलाके और बूथ जब से निगम बना तब से उसकी हद में हैं। उस दौर से लेकर आज तक हमीदपुर के लोग निगम चुनाव में वोटिंग करते रहे हैं। वह कहते हैं कि प्रशासन चुनाव की तैयारी को लेकर अदालत में दंभ भरता रहा है लेकिन हकीकत तो यह है कि लापरवाही बरती गई है। हमीदपुर भले ही इस बार निगम में शामिल नहीं है मगर वार्ड 79 से चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार और उनके समर्थक इलाके में डोर-डोर कंपेन कर रहे हैं। यही नहीं गलियों में अॉटो वाले भी प्रचार करते फिर रहे हैं। हालांकि लोग उनसे हकीकत बता भी रहे हैं लेकिन प्रचार फिर भी जारी है। बताने के बावजूद भी उम्मीदवार प्रचार से नहीं हट रहे। निर्मल सिंह ने कहा कि न हम शहर के रहे न गांव के। बंटवारे के बाद से वह वोटिंग करते आ रहे हैं। हमीदपुर के वजूद में आने का किस्सा भी रोचक है। बर्तानवी सरकार के दौर में आसपास के 2 गांवों में झगड़ा हो गया था, जिसमें हमीद नामक व्यक्ति की मौत हो गई । इसके बाद सहमति से दोनों गांवों के लोगों ने ब्लड मनी के रूप में इलाके की जमीन पीड़ित परिवार को दी और तब हमीदपुर वजूद में आया। हमीदपुर के नंबरदार बलजीत सिंह का कहना है कि इस बार लोगों के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। पहले की तरह इस बार भी लोग वोटिंग को तैयार हैं मगर इनको किसी वार्ड में डाला ही नहीं गया। उनका कहना है कि वह निगम बनने के समय से वोटिंग करते आ रहे हैं। ^वार्ड बंदी नवंबर 2023 में की गई थी और इसकी अधिसूचना भी जारी की गई थी। इसका व्यापक प्रचार भी किया गया था। इस साल की मतदाता सूचियां भी व्यापक रूप से प्रकाशित की गईं। ऐसे किसी भी मामले को लेकर किसी ने कोई एतराज दाखिल नहीं किया है। यदि किसी को कोई समस्या हो तो वो उनसे संपर्क कर सकते हैं। -साक्षी साहनी, जिला निर्वाचन अधिकारी हमीदपुर के रहने वाले रिटायर सूबेदार महंगा सिंह ने बताया कि वार्डबंदी में हमीदपुर के अलावा अन्य बूथों पर भी खामियां हैं। जैसे कि बूथ 4, 5 और 6 का पोलिंग स्टेशन सवेरा स्कूल बनाया गया है लेकिन सवेरा स्कूल 5 साल पहले खत्म हो गया है। उनका कहना है कि इन वार्डों के 3,500 वोटर कहां जाएंगे? इसी तरह से बूथ 8 और 9 के पोलिंग स्टेशन दो से ढाई किमी दूर बनाया गया है। उनको भी वोटिंग में दिक्कत आएगी।

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