भास्कर न्यूज | जालंधर वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर चल रही शिक्षा विभाग के दफ्तरी कर्मचारियों की कलम छोड़ हथियार 13वें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने कहा कि राज्य की नौकरशाही आप सरकार के मंत्रियों, विधायकों की बात तक नहीं मानती है। सर्व शिक्षा अभियान मिड डे मील दफ्तरी कर्मचारी यूनियन के नेता शोभित भगत, गगनदीप शर्मा, गगल स्याल, राजीव शर्मा, चेतन, संजीव, जगदीश और जगमोहन ने बताया िक बीते नौ दिसंबर को वित्त मंत्री के साथ कर्मचारियों की आठवीं बैठक हुई थी। इसमें उन्होंने अधिकारियों को कर्मचारियों की समस्याएं 15 दिन के भीतर हल करने के निर्देश दिए थे। लेकिन अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। यूनियन नेताओं ने कहा कि मार्च 2024 को मांगे मानने के बाद दफ्तरी कर्मचारियों को 8886 अध्यापकों की तर्ज पर रेग्युलर करने के सबंधी पंजाब के एडवोकेट जनरल ने भी अपनी सहमति दे दी थी। शिक्षा विभाग में कर्मचारियों की नियुक्ति में कोई कानूनी बाधा नहीं है, लेकिन कैबिनेट सब कमेटी की मीटिंग में मामला हल होने के बाद भी कर्मचारियों की फाइलों में उलझा कर रखा गया है। भगत ने कहा कि अधिकारियों के आश्वासन पर पहले भी दो बार हड़ताल वापस ली जा चुकी है, लेकिन कर्मचारियों की मांगों पर प्रशासन और मौन है, इसलिए अब कर्मचारी अपनी मांगें मानकर ही वापस लौटेंगे।


