टोंक के पचेवर थाना क्षेत्र में माशी नदी पर बने एनीकट में डूबे किसान का शव शुक्रवार को 42 घंटे बाद मिला। SDRF टीम को शव घटना स्थल से करीब 20 मीटर मिला। शव मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया। बंटाई पर खेती करता था किसान, खेत में ही परिवार के साथ रहता था SDRF टीम प्रभारी राजेंद्र गुर्जर ने बताया- कानाराम (27) पुत्र सकराम बावरी, निवासी बाछेड़ा बंटाई पर खेती करता था। खेत मालिक जयपुर जिले के मेहंदवास गांव का निवासी है। कानाराम पिछले कुछ वर्षों से उसी खेत में टपरी बनाकर पत्नी और बच्चों के साथ रह रहा था। नहाते समय गहरे पानी में चला गया घटना बुधवार (4 फरवरी) शाम करीब 4 बजे की है। कानाराम अपनी पत्नी के साथ खेत से करीब 150 मीटर दूर माशी नदी पर बने एनीकट में नहाने गया था। उसकी पत्नी नदी किनारे खड़ी रही, जबकि कानाराम एनीकट में उतर गया। बताया जा रहा है कि कानाराम को तैरना ठीक से नहीं आता था। नहाते समय वह अचानक गहरे पानी में चला गया और डूब गया। पत्नी की चीख सुनकर दौड़ा जीजा, लेकिन बचा नहीं सका डूबते समय कानाराम की पत्नी जोर-जोर से चिल्लाने लगी। उसकी आवाज सुनकर घटनास्थल से करीब 150 मीटर दूर मौजूद बस्सी निवासी जीजा कमलेश बावरी मौके पर दौड़कर पहुंचा, लेकिन तब तक कानाराम पानी में समा चुका था। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस पहुंची, देर रात तक चला सर्च ऑपरेशन सूचना मिलने पर शाम करीब 5 बजे पचेवर थाना प्रभारी प्रीति रतनू पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचीं। ग्रामीणों और परिजनों की मदद से देर शाम तक एनीकट में तलाश की गई, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने SDRF और सिविल डिफेंस को सूचना दी। तीसरे दिन SDRF ने खोज निकाला शव सूचना के बाद गुरुवार (5 फरवरी) सुबह करीब 9 बजे SDRF और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं। सुबह साढ़े नौ बजे से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया, लेकिन गुरुवार शाम तक भी किसान का पता नहीं चल सका। आखिरकार तीसरे दिन शुक्रवार सुबह करीब 10.45 बजे, SDRF ने घटना स्थल से करीब 20 मीटर दूर कानाराम का शव बरामद कर लिया।


