गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की सीमा पर एक बार फिर बाघिन की मौजूदगी देखी गई है। अमरकंटक से ज्वालेश्वर रोड पर बाघिन को एक सियार के साथ देखा गया। इस बात की पुष्टि गौरेला के रेंजर प्रबल दुबे ने की है। जानकारी के अनुसार, पिछले तीन दिनों से केवची क्षेत्र के आसपास भी बाघिन के दिखने की खबरें आ रही थीं। निर्माणाधीन नेशनल हाईवे पर काम कर रहे कुछ लोगों ने भी बाघिन को देखने की बात कही थी। शिक्षक दंपती ने ली तस्वीर इसी बीच अमरकंटक से ज्वालेश्वर रोड पर एक शिक्षक दंपती ने अपने मोबाइल से बाघिन की साफ तस्वीर ली, जिसमें वह सियार के साथ नजर आ रही है। वीडियो में देखा गया कि बाघिन सड़क के दोनों तरफ लगी तार की फेंसिंग को पार करने की कोशिश कर रही थी। इलाके के लोग सतर्क लेकिन वह बाहर नहीं निकल पा रही थी। ऐसा लग रहा था कि बाघिन सड़क छोड़कर जंगल की ओर जाना चाहती थी। बाघिन के दिखने से इलाके के लोग सतर्क हो गए हैं। वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और टीम भी तैनात की गई है। जंगल वाले इलाके में जाने से बचने की सलाह रेंजर प्रबल दुबे ने बताया कि बाघिन से फिलहाल कोई खतरा नहीं है, लेकिन ग्रामीणों को जंगल वाले इलाके में जाने से बचने की सलाह दी गई है। बताया गया कि पिछले साल 29 जनवरी 2024 को कान्हा टाइगर रिजर्व से भटककर एक बाघिन इसी क्षेत्र में पहुंची थी। बाद में वह अमरकंटक के रास्ते सिंगरौली तक गई थी, जहां उसकी मौत हो गई थी। वन विभाग का कहना है कि वन्यजीवों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए लोगों को सतर्क रहना जरूरी है।


