प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ‘परीक्षा पे चर्चा’ के 9वें संस्करण में छात्रों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने परीक्षा में सफलता, तनाव प्रबंधन और नई तकनीकों के उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण टिप्स दिए। करौली सहित देशभर के विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखा। प्रधानमंत्री ने नई दिल्ली स्थित 7, लोक कल्याण मार्ग पर अपने आधिकारिक आवास से छात्रों के साथ बातचीत की। करौली कलेक्ट्रेट परिसर के हाई स्कूल में भी विद्यार्थियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम देखा और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के गुर सीखे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने छात्रों से सलाह के प्रति खुले रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सफलता निरंतर सीखने और आत्मविश्वास के संतुलन से मिलती है। पीएम मोदी ने परीक्षा के तनाव और घबराहट को पीछे छोड़ सकारात्मक सोच के साथ तैयारी करने पर जोर दिया। उन्होंने बार-बार भूलने की समस्या से बचने और पढ़ाई को प्रभावी बनाने के तरीके भी बताए। प्रधानमंत्री ने युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सहित नवीन तकनीकों को अपनाने के लिए भी प्रेरित किया। उनका उद्देश्य था कि छात्र पढ़ाई को आसान बना सकें और आवश्यक जानकारी तेजी से प्राप्त कर सकें। इस दौरान उन्होंने कर्तव्य पालन के महत्व पर भी चर्चा की। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) इंद्रेश तिवाड़ी ने बताया कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ विद्यार्थियों के लिए बेहद प्रेरणादायक रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने परीक्षा को बिना मानसिक बोझ के सहजता से देने की बात कही, जो बच्चों के भविष्य के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। छात्रा संजना महावर ने कार्यक्रम में बताई गई ट्रिक्स को उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि हमें परीक्षा से डरने के बजाय उसे उत्सव की तरह लेना चाहिए और पूरे उत्साह के साथ शामिल होना चाहिए। छात्रा देविका पांडे ने कहा कि इस चर्चा से यह सीख मिली कि पेपर से घबराने की बजाय मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए, क्योंकि परीक्षा आगे बढ़ने का अवसर है। छात्र सूरज सिंह ने बताया कि कार्यक्रम से बड़ी सीख मिली कि परीक्षा के समय घबराने के बजाय अपनी मेहनत पर भरोसा रखना चाहिए। साथ ही एआई जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग पढ़ाई को सरल और प्रभावी बना सकता है।


